जालंधर शहर में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक अब लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। गुरुवार दोपहर न्यू कमल विहार इलाके में एक महिला अपने नर्सरी में पढ़ने वाले बेटे को स्कूल से लेकर स्कूटी पर घर लौट रही थी। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उनका पीछा कर हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर हादसे का शिकार हो गए।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि अचानक कई आवारा कुत्ते स्कूटी के पीछे दौड़ पड़ते हैं। कुत्तों से बचने के प्रयास में महिला ने स्कूटी की गति बढ़ाई, लेकिन संतुलन बिगड़ने के कारण वाहन दीवार से टकराकर सड़क पर गिर गया।
हादसे में मां और बेटा दोनों घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल मासूम को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसके सिर में लगी चोट का उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
स्थानीय लोगों में गुस्सा, रोजाना सामने आ रहे डॉग बाइट के मामले
घटना के बाद इलाके के लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कॉलोनी में 30 से अधिक आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते हैं और अक्सर राहगीरों, बच्चों तथा दोपहिया वाहन चालकों पर हमला कर देते हैं।
जानकारी के अनुसार, सिविल अस्पताल की एंटी-रेबीज वैक्सीन ओपीडी में प्रतिदिन करीब 140 लोग पहुंचते हैं, जिनमें 25 से 30 नए डॉग बाइट के मामले शामिल होते हैं। यह आंकड़ा शहर में बढ़ती समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
डॉग पाउंड निर्माण में देरी पर नगर निगम सख्त
सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू ने बताया कि आवारा कुत्तों की समस्या पर नियंत्रण के लिए बनाए जा रहे डॉग पाउंड का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। संबंधित ठेकेदार को पहले दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कार्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाते हुए ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने का नोटिस जारी कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि डॉग पाउंड जल्द तैयार कर शहर में आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
लगातार बढ़ रही चिंता
ताजा घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग नगर निगम से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।












