पंजाब के बरनाला में हड़ताली सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़ने पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने का आरोप है। इस घटना में एक महिला सफाई कर्मचारी समेत कई कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब तलब किया है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने लिया सख्त संज्ञान
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने घटना को गंभीर मानते हुए एसएसपी बरनाला के खिलाफ स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए मुख्य सचिव, पंजाब और डीजीपी, पंजाब को निर्देश जारी किए हैं कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर आयोग को सौंपी जाए।
प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प
जानकारी के अनुसार, अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच तनाव उस समय बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई। आरोप है कि पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में कई कर्मचारी घायल हुए, जिनमें एक महिला सफाई कर्मचारी भी शामिल है।
पुलिस का पक्ष भी आया सामने
दूसरी ओर डीएसपी बरनाला सतबीर सिंह ने कहा कि मानसून के मौसम में बीमारियों के खतरे को देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराना है। डीएसपी के अनुसार, जब कुछ प्रदर्शनकारी कूड़ा उठाने के कार्य में बाधा डाल रहे थे, तब स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करनी पड़ी।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अब इस पूरे मामले पर सबकी निगाहें आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है।










