NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच परीक्षा प्रणाली, बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के युवा ही देश का भविष्य हैं और उनके मुद्दे पूरे देश के मुद्दे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करेगी तो युवाओं का आंदोलन और अधिक मजबूत होगा।
‘निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों?’
केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के हाथों में न कोई हथियार था और न ही वे हिंसा कर रहे थे। इसके बावजूद उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए, न कि बल प्रयोग करना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
आप प्रमुख ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की खामियां शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। उनके मुताबिक सरकार की जिम्मेदारी थी कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं और जिम्मेदारी तय की जाए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
केजरीवाल ने कहा कि सरकार में कई बार मंत्रियों के इस्तीफे और फेरबदल होते रहे हैं, ऐसे में शिक्षा मंत्री की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि परीक्षा प्रणाली बार-बार विफल हो रही है तो संबंधित मंत्रालय को इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
‘2024 के NEET पेपर लीक मामले में सरकार विफल रही’
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के NEET पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी के खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने के कारण उसे जमानत मिल गई। उन्होंने इसे सरकार की बड़ी प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि इससे पेपर लीक के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल खड़े होते हैं।
‘हम युवाओं के साथ खड़े हैं’
उन्होंने कहा कि देशभर से छात्र अपने भविष्य को लेकर दिल्ली पहुंच रहे हैं और सरकार को उनके आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए। उनके अनुसार युवाओं का भरोसा मजबूत परीक्षा प्रणाली और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से ही कायम रह सकता है।
हिंसा के आरोपों पर भी दिया जवाब
प्रदर्शन के दौरान हिंसा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के पास किसी प्रकार का हथियार नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग उचित नहीं था।










