पंजाब के लुधियाना शहर में एक निजी क्लिनिक में इलाज के दौरान 45 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि क्लिनिक के मुख्य डॉक्टर की अनुपस्थिति में उसके बेटे ने महिला का इलाज किया और इंजेक्शन लगाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। बाद में महिला की मौत हो गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घबराहट की शिकायत लेकर पहुंची थी महिला
मृतका की पहचान 45 वर्षीय रजनी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, 17 जुलाई को रजनी को अचानक घबराहट और बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उनकी बेटी उन्हें नजदीक स्थित डॉक्टर जगदीश के क्लिनिक में लेकर पहुंची। परिवार को उम्मीद थी कि प्राथमिक उपचार के बाद उनकी तबीयत सामान्य हो जाएगी।
डॉक्टर की जगह बेटे ने किया इलाज
परिजनों का आरोप है कि जब वे क्लिनिक पहुंचे तो मुख्य डॉक्टर मौजूद नहीं थे। उनकी जगह क्लिनिक में उनका बेटा मनजीत बैठा हुआ था। आरोप है कि उसने बिना किसी आवश्यक जांच के महिला को इंजेक्शन लगा दिया।
इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत, हुई मौत
परिजनों के मुताबिक इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनट बाद महिला की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उन्हें तेज ऐंठन और अन्य गंभीर दिक्कतें होने लगीं। आरोप है कि अस्पताल ले जाने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों में भारी रोष फैल गया।
मौके पर पहुंची पुलिस, मामला दर्ज
घटना की सूचना मिलने पर थाना डिवीजन नंबर-2 की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है।
जांच अधिकारियों के अनुसार, मृतका की बेटी के बयान के आधार पर क्लिनिक संचालक के बेटे मनजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










