पंजाब के फगवाड़ा स्थित सिविल अस्पताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में रखे एक शव के खराब होने के आरोपों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों और सहकर्मियों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष रखा है।
एफसीआई कर्मचारी की हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान उदय यादव के रूप में हुई है, जो फगवाड़ा स्थित भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि 17 जुलाई को ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनकी मौत हो गई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मौत का कारण संभावित हार्ट अटैक माना जा रहा है।
चूंकि मृतक का परिवार उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस) में रहता है और उनके पंजाब पहुंचने में समय लगना था, इसलिए शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया।
परिजनों का आरोप—फ्रीजर बंद होने से शव खराब हुआ
मृतक के परिजनों का आरोप है कि जब वे रविवार सुबह शव लेने अस्पताल पहुंचे तो शव की हालत बेहद खराब थी। उनका दावा है कि शव में अत्यधिक सूजन आ चुकी थी और चेहरा इस कदर विकृत हो गया था कि पहचान करना मुश्किल हो गया।
परिजनों का कहना है कि मोर्चरी का फ्रीजर सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। उनका आरोप है कि जब उन्होंने फ्रीजर की जांच की तो उसमें ठंडक नहीं थी, जबकि अस्पताल स्टाफ ने पहले उन्हें भरोसा दिलाया था कि फ्रीजर पूरी तरह ठीक है।
अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
घटना के बाद मृतक के परिजनों और एफसीआई में कार्यरत सहकर्मियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश भी सफल नहीं हो सकी।
परिजनों ने पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट
फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है। शव की स्थिति और मोर्चरी की तकनीकी व्यवस्था को लेकर उठे सवालों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










