लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की रैली के दौरान भगवान हनुमान के वेश में एक व्यक्ति के भाजपा का झंडा लेकर नृत्य करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इस वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह हिंदू आस्था का अपमान है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदू धर्म और उसकी आस्थाओं को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भगवान श्रीराम और भगवान हनुमान की श्रद्धापूर्वक पूजा करती है, जबकि भाजपा धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए करती है।
‘धर्म नहीं, राजनीति का माध्यम बना दिया’ : केजरीवाल
सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल ने दो तस्वीरें साझा कीं। एक तस्वीर में वे स्वयं भगवान हनुमान की पूजा करते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर वायरल वीडियो की है।
उन्होंने कहा कि दोनों तस्वीरें दो अलग-अलग विचारधाराओं को दर्शाती हैं। उनके अनुसार, आम आदमी पार्टी भगवान राम और हनुमान को आस्था और श्रद्धा का प्रतीक मानती है, जबकि भाजपा उन धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग करती है।
केजरीवाल ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की।
संजय सिंह बोले- ‘हिंदू धर्म की जगह भाजपा धर्म लागू करने की कोशिश’
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धार्मिक प्रतीकों का इस प्रकार राजनीतिक उपयोग उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धार्मिक आस्था को राजनीति से जोड़ रही है और भविष्य में “भाजपा धर्म” लागू करने जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।
सौरभ भारद्वाज ने जताई धार्मिक भावनाएं आहत होने की बात
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वायरल वीडियो से लाखों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने भाजपा और नितिन नवीन से इस मामले में सार्वजनिक माफी मांगने तथा भगवान हनुमान के मंदिर जाकर क्षमा याचना करने की अपील की।
आतिशी ने भी BJP से मांगा जवाब
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाया कि क्या भाजपा के नेता भगवान हनुमान के कथित अपमान पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।
वीडियो को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
वायरल वीडियो को लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। फिलहाल भाजपा की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










