अमरनाथ यात्रा 2026 के बीच बाबा बर्फानी के प्राकृतिक हिम शिवलिंग का आकार तेजी से घटने की खबर सामने आने के बाद श्रद्धालुओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है और हर वर्ष मौसम तथा तापमान के अनुसार हिम शिवलिंग का आकार बदलता रहता है।
सोमवार को सामने आई तस्वीरों के अनुसार अमरनाथ गुफा में स्थित बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग अब लगभग एक फीट का रह गया है। उल्लेखनीय है कि 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई से हुई थी।
23 मई को 7 फीट था हिम शिवलिंग
23 मई को सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा जारी तस्वीरों में बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग करीब 7 फीट ऊंचा दिखाई दिया था। इसके बाद 29 जून को पहली पूजा के समय इसकी ऊंचाई 5 फीट से अधिक थी। अब 6 जुलाई को सामने आई तस्वीरों में हिम शिवलिंग का आकार काफी छोटा दिखाई दे रहा है।
तीन दिनों में 56 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
यात्रा शुरू होने के बाद पहले तीन दिनों में 56 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18.6 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। वर्ष 2025 में शुरुआती तीन दिनों में 47,972 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस बार यात्रा के लिए करीब 4 लाख श्रद्धालुओं ने पहले ही पंजीकरण कराया है।
दो मार्गों से जारी है यात्रा
श्रद्धालु लगातार 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग तथा 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से अमरनाथ गुफा पहुंच रहे हैं। इस वर्ष यात्रा 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी।
9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट फुल
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह बुक हो चुके हैं। ऐसे में बिना पंजीकरण अमरनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को फिलहाल यात्रा स्थलों पर आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि के अनुसार ही यात्रा करें। केवल वैध रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को ही आगे बढ़ने दिया जाएगा।
क्या बाबा बर्फानी का छोटा होना किसी अशुभ संकेत का संकेत है?
सोशल मीडिया पर कई तरह की धार्मिक चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन विशेषज्ञों और प्रशासन का कहना है कि बाबा बर्फानी का आकार घटना पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसका किसी शुभ-अशुभ घटना या धार्मिक संकेत से कोई वैज्ञानिक प्रमाणित संबंध नहीं है।
कैसे बनता है बाबा बर्फानी का हिम शिवलिंग?
अमरनाथ गुफा में बनने वाला हिम शिवलिंग किसी मशीन या मानव द्वारा तैयार नहीं किया जाता। यह प्राकृतिक आइस स्टैलेग्माइट (Ice Stalagmite) है।
गुफा की छत से लगातार टपकने वाला पानी अत्यधिक ठंड के कारण जमता जाता है और धीरे-धीरे शिवलिंग का आकार ले लेता है। मौसम, तापमान, नमी और पानी की उपलब्धता के अनुसार इसका आकार हर वर्ष अलग-अलग होता है। गर्मी बढ़ने या तापमान में बदलाव आने पर इसका आकार स्वाभाविक रूप से घटने लगता है।











