शहर के नेशनल आई अस्पताल से जुड़े डॉक्टर दंपति का मामला उस समय चर्चा में आ गया जब डॉक्टर पियूष की पत्नी डॉ. मीनाक्षी द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या किए जाने की घटना सामने आई। मामले में मृतका के पिता ने अपनी बेटी की मौत के लिए उसके पति को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतका के पिता प्रमोद ने बताया कि उनकी बेटी डॉ. मीनाक्षी की शादी अक्टूबर 2018 में डॉ. पियूष के साथ हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही दोनों के वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ने लगा था। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी घरेलू विवाद और कथित मारपीट से परेशान थी, जिसके चलते वह जुलाई 2025 से पति से अलग रह रही थी।
परिजनों के अनुसार, डॉ. मीनाक्षी जून 2026 में अपना अलग मकान खरीदने की योजना बना रही थीं। इसी सिलसिले में जब वह कुछ दिन पहले बैंक पहुंचीं तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर करीब 2.5 करोड़ रुपये का लोन चल रहा है। परिवार का आरोप है कि इस लोन से जुड़े दस्तावेजों पर डॉ. मीनाक्षी के हस्ताक्षर भी नहीं थे, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थीं।
परिवार ने यह भी दावा किया कि शादी के बाद डॉ. मीनाक्षी के नाम पर कई अन्य ऋण लिए गए थे, जिनमें एक थार वाहन का लोन भी शामिल था। आरोप है कि उसकी किश्तें भी डॉ. मीनाक्षी अपनी तनख्वाह से भर रही थीं।
मृतका के पिता ने पति पर विवाहेतर संबंधों के भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉ. मीनाक्षी को पति के किसी अन्य महिला के साथ संबंध होने का संदेह था, जिसको लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। परिवार का दावा है कि इस संबंध में अस्पताल की कुछ सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी गई हैं।
प्रमोद ने बताया कि उनकी बेटी तलाक लेना चाहती थी और इस संबंध में परिवार भी कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान कथित लोन की जानकारी सामने आने के बाद वह और अधिक तनाव में आ गई थी।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी ने यह कदम उठाया। उन्होंने पुलिस से डॉ. पियूष को गिरफ्तार कर मामले की निष्पक्ष जांच करने तथा परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।









