देशभर में NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब में एक भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के रोजगार देने की नीति अपनाई गई है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता रही है।
उन्होंने NEET पेपर लीक विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि देशभर के लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहना चाहिए। उनका कहना था कि यदि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी होती है तो सबसे अधिक नुकसान मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार ने अपने कार्यकाल में भर्ती प्रक्रियाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए हैं। उनका दावा है कि इसी वजह से राज्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने नहीं आईं।
गौरतलब है कि NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज है। इस मुद्दे पर विपक्ष केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि सरकार ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई और सख्त कानून लाने की दिशा में कदम उठाए हैं।












