27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। चंडीगढ़ स्थित वार मेमोरियल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल युद्ध के शहीदों को नमन किया और कहा कि उनकी वीरता, साहस और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीदों के परिजनों, पूर्व सैनिकों और दिव्यांग पूर्व सैनिकों से मुलाकात की। उन्होंने दिव्यांग पूर्व सैनिकों को पांच दोपहिया वाहन भी वितरित किए तथा एनसीसी कैडेटों और महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट एवं माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, मोहाली के कैडेटों को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया।
“पंजाब का इतिहास वीरता और बलिदान से भरा”
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की धरती का इतिहास वीरों की बहादुरी और बलिदानों से लिखा गया है। उन्होंने कहा कि जो समाज अपने शहीदों और इतिहास का सम्मान करता है, वही निरंतर प्रगति करता है। उन्होंने दोहराया कि शहीद केवल अपने परिवार के नहीं, बल्कि पूरे देश की सबसे बड़ी धरोहर होते हैं।
सोशल मीडिया पर भी दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में देश के 527 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था, जिनमें पंजाब के 65 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इन वीरों की शहादत हर भारतीय और हर पंजाबी के लिए गर्व का विषय है।
सैनिकों के परिवारों के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीद सैनिकों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले प्रत्येक सैनिक के परिवार को राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
युवाओं से सेना में शामिल होने की अपील
एनसीसी कैडेटों और सेना की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देश सेवा करना सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र सेवा के इस पवित्र दायित्व को अपनाने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी।
कार्यक्रम के दौरान शहीदों के सम्मान में ‘लास्ट पोस्ट’ की धुन बजाई गई, दो मिनट का मौन रखा गया और पीएपी बैंड द्वारा भव्य गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत सहित सेना और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।












