पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने धूरी में आयोजित भाजपा की जनसभा को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा नेतृत्व पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि धूरी रैली में जनता की बेहद कम मौजूदगी ने पंजाब में भाजपा की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है।
हरपाल चीमा ने कहा कि भाजपा ने धूरी में बड़ी जनसभा का दावा किया था, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में खाली कुर्सियां दिखाई दीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी जनता को संबोधित करने आए थे, लेकिन उन्हें खाली कुर्सियों को भाषण देकर वापस लौटना पड़ा।
पंजाब में भाजपा के लिए नहीं बची कोई जगह: चीमा
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग भाजपा की राजनीति और उसकी नीतियों को अच्छी तरह समझ चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता चाहे जितनी रैलियां कर लें, लेकिन पंजाब की जनता उनके बहकावे में आने वाली नहीं है। धूरी की जनसभा में खाली कुर्सियों ने साफ संदेश दे दिया है कि राज्य में भाजपा की स्वीकार्यता बेहद सीमित है।
750 किसानों की शहादत नहीं भूला पंजाब
हरपाल चीमा ने किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब के लोग उन 750 से अधिक किसानों की शहादत को कभी नहीं भूल सकते, जिन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण किसानों को लंबे संघर्ष का सामना करना पड़ा।
चीमा ने कहा कि पंजाब के अन्नदाता किसानों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और उनकी कुर्बानी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। यही वजह है कि किसान विरोधी नीतियों के लिए पंजाब की जनता भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी।
भाजपा पर पंजाब विरोधी होने का आरोप
वित्त मंत्री ने भाजपा पर पंजाब के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी हमेशा पंजाब के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश करती रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पानी, संसाधनों और अधिकारों को लेकर भाजपा का रवैया हमेशा विवादों में रहा है।
चीमा ने दावा किया कि भाजपा की नीतियों ने देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया है और आम लोगों की परेशानियां बढ़ाई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती भाईचारे, एकता और सद्भाव की प्रतीक है तथा यहां नफरत और टकराव की राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा कि धूरी की जनसभा में जनता की कम भागीदारी भाजपा नेतृत्व के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पंजाब के लोग विकास, शांति और जनहित की राजनीति को प्राथमिकता देते हैं।









