आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री Aman Arora ने पेट्रोल, डीज़ल, सीएनजी और एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार ने तेल की कीमतें बढ़ाकर आम लोगों, किसानों और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डाल दिया है।
चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा चुनाव के दौरान जनता की भलाई की बातें करती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही लोगों की मेहनत की कमाई लूटने लगती है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर और ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर निशाना
अमन अरोड़ा ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹943 की बढ़ोतरी कर छोटे कारोबारियों और व्यापारियों को बड़ा झटका दिया है।
इसके अलावा पेट्रोल की कीमत में ₹3.14 प्रति लीटर, डीज़ल में ₹3.11 प्रति लीटर और सीएनजी में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी भी की गई है। उन्होंने इसे आम जनता के लिए “महंगाई का तोहफा” बताया।
‘कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचा रही भाजपा’
आप पंजाब प्रधान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों का फायदा सिर्फ कुछ चुनिंदा कॉर्पोरेट घरानों को मिल रहा है, जबकि आम लोग लगातार महंगाई की मार झेल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सत्ता में आने से पहले लोगों के बैंक खातों में ₹15 लाख जमा करवाने, दो करोड़ नौकरियां देने और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे बड़े वादे किए थे, लेकिन आज देश महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है।
डीज़ल महंगा होने से किसानों पर बढ़ेगा बोझ
अमन अरोड़ा ने कहा कि डीज़ल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पंजाब के किसानों पर पड़ेगा, खासकर धान की बुआई के सीजन में।
उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई और खेती के कामों के लिए भारी मात्रा में डीज़ल की जरूरत होती है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से खेती की लागत और बढ़ जाएगी।
‘महंगाई से परेशान जनता का गुस्सा फूट सकता है’
आप नेता ने कहा कि पिछले 12-13 वर्षों से लगातार बढ़ती महंगाई ने लोगों को आर्थिक रूप से तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की आर्थिक नीतियां पूरी तरह विफल साबित हुई हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी की बढ़ी हुई कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर महंगाई इसी तरह बढ़ती रही तो जनता का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दे सकता है।








