पंजाब विजीलैंस ब्यूरो से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले ने अब बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले लिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी CBI द्वारा दर्ज एफआईआर में पंजाब विजीलैंस चीफ Sharad Satya Chauhan का नाम सामने आने के बाद पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
यह मामला विजीलैंस ब्यूरो प्रमुख के रीडर ओ.पी. राणा और तीन अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। आरोप है कि लंबित शिकायत को बंद करवाने के बदले शिकायतकर्ता से 13 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता से मांगी गई थी 13 लाख की रिश्वत
CBI की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी राघव गोयल और विकास गोयल ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता से यह रकम मांगी थी। जांच एजेंसी का दावा है कि यह पैसा पंजाब डीजीपी (विजीलैंस) कार्यालय में लंबित शिकायत को निपटाने के नाम पर मांगा गया था।
एफआईआर में ओ.पी. राणा के साथ-साथ डीजी (विजीलैंस) पंजाब कार्यालय का भी जिक्र किया गया है, जिसके बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
स्टेट टैक्स ऑफिसर ने दर्ज करवाई शिकायत
जानकारी के मुताबिक, अबोहर निवासी स्टेट टैक्स ऑफिसर अमित कुमार ने 8 मई को इस मामले में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत में कहा गया है कि राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल, जो निजी ठेकेदार बताए जा रहे हैं, कथित तौर पर विजीलैंस अधिकारियों के नाम पर बिचौलिये के रूप में काम कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने लंबित शिकायत को खत्म करवाने के बदले अवैध रिश्वत की मांग की।
CBI कर रही पूरे नेटवर्क की जांच
सूत्रों के अनुसार, CBI अब इस मामले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसी रिश्वत मांगने की कथित साजिश, संपर्कों और पैसों के लेन-देन की पूरी कड़ी खंगाल रही है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल
विजीलैंस ब्यूरो जैसे संवेदनशील विभाग से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दल भी मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा सकते हैं।
फिलहाल CBI की जांच जारी है और एजेंसी जल्द ही आगे की कार्रवाई कर सकती है।








