पंजाब के लुधियाना में साइबर क्राइम पुलिस ने एक बेहद बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। यह गिरोह पंजाब में बैठकर यूरोप और उत्तरी अमेरिका के अमीर देशों के नागरिकों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहा था।
पुलिस ने शहर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर 132 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और लग्जरी गाड़ियां भी बरामद की गई हैं।
करोड़ों की नकदी, 98 लैपटॉप और 229 मोबाइल बरामद
पुलिस की कार्रवाई में अब तक 1 करोड़ 7 लाख रुपये की भारतीय करेंसी बरामद हुई है। इसके अलावा 98 लैपटॉप, 229 मोबाइल फोन और 19 लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए हैं।
जांच एजेंसियों ने इस मामले में 300 से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इनकम टैक्स विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है।
फर्जी कॉल सेंटर बनाकर विदेशी नागरिकों को बनाते थे शिकार
पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संधू टावर और सिल्वर ओक इलाके के पास फर्जी कॉल सेंटर चलाए जा रहे हैं। यहां से विदेशी नागरिकों को हाईटेक तरीके से ठगा जा रहा था।
पुलिस टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से एक साथ कई स्थानों पर रेड की और मौके से 132 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर भेजते थे फर्जी वायरस अलर्ट
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर स्क्रीन पर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के नाम से फर्जी पॉप-अप चेतावनी भेजता था। इसमें दावा किया जाता था कि सिस्टम पर खतरनाक वायरस हमला हुआ है।
जैसे ही पीड़ित उस अलर्ट पर दिए गए कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करता, इंटरनेट डायलर सॉफ्टवेयर के जरिए कॉल सीधे लुधियाना स्थित फर्जी कॉल सेंटर में पहुंच जाती थी।
‘ओपनर’ और ‘क्लोजर’ टीम करती थी ठगी का खेल
इस पूरे सिंडिकेट में अलग-अलग टीमें बनाई गई थीं। ‘ओपनर’ नाम की टीम पीड़ितों को मीठी बातों में फंसाकर उनके सिस्टम में रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाती थी।
इसके बाद ठग कंप्यूटर का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में लेकर नकली स्कैन चलाते और पीड़ित को डराते थे कि उसका बैंक अकाउंट हैक हो चुका है या उस पर गंभीर साइबर अपराध के आरोप लग सकते हैं।
इसके बाद ‘क्लोजर’ टीम बैंक अधिकारी बनकर बात करती थी और लोगों को डराकर उनसे बड़ी रकम ट्रांसफर करवाती थी।
साइबर क्राइम थाना में दर्ज हुई FIR
इस मामले में थाना साइबर क्राइम लुधियाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत FIR नंबर 37 दर्ज की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय लिंक और मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है।







