पंजाब की राजनीति में जारी घमासान अब सड़कों पर खुलकर नजर आ रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों के खिलाफ पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विभिन्न जिलों में हुए प्रदर्शनों के दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने “पंजाब के गद्दार” के नारे लगाए और दलबदल करने वाले सांसदों के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया।
राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया, जबकि कुछ स्थानों पर सांसदों के घरों की दीवारों पर “गद्दार” लिखकर अपना गुस्सा जाहिर किया गया। पार्टी का आरोप है कि इन सांसदों ने न सिर्फ AAP बल्कि पंजाब की जनता के जनादेश के साथ भी विश्वासघात किया है।
कैबिनेट मंत्री Harbhajan Singh ETO ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि राज्यसभा सांसदों का कर्तव्य संसद में पंजाब की आवाज उठाना होता है, लेकिन इन नेताओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में आकर यह दलबदल किया गया, जो तीन करोड़ पंजाबियों के साथ धोखा है।
वहीं मंत्री Lal Chand Kataruchak ने कहा कि इन सांसदों ने पार्टी और राज्य की “पीठ में छुरा घोंपा” है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
लहरागागा में आयोजित प्रदर्शन के दौरान मंत्री Barinder Kumar Goyal ने कहा कि दलबदल से पंजाब की राजनीति पर कोई असर नहीं पड़ा, बल्कि इन नेताओं का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। उन्होंने दावा किया कि AAP की विचारधारा मजबूत है और पार्टी एकजुट है।
विधायक Balkar Singh Sidhu ने तीखा बयान देते हुए कहा कि इतिहास इन नेताओं को “गद्दार” के रूप में याद रखेगा और पंजाब की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। वहीं Maninder Singh Gyaspura ने मांग की कि इन सांसदों की राज्यसभा सदस्यता तुरंत रद्द की जाए, क्योंकि उन्होंने जनादेश का गलत इस्तेमाल किया है।
AAP नेताओं का कहना है कि पार्टी को मिले भारी जनसमर्थन के बाद ही इन सांसदों को राज्यसभा भेजा गया था, लेकिन अब इनमें से कई नेताओं ने व्यक्तिगत लाभ के लिए दल बदल लिया है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भी खुलकर नाराजगी जताई। एक कार्यकर्ता ने कहा कि ऐसे दलबदलू नेता धीरे-धीरे राजनीति से गायब हो जाते हैं और जनता उन्हें सजा जरूर देती है।
🔍 ‘ऑपरेशन लोटस’ का आरोप और राजनीतिक संदेश
AAP ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के कथित “ऑपरेशन लोटस” का हिस्सा बताया है। पार्टी का आरोप है कि यह रणनीति विपक्षी सरकारों को कमजोर करने के लिए अपनाई जाती है।
इसके साथ ही AAP नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी जमीनी स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक एकजुट है और ऐसे घटनाक्रमों से सरकार या संगठन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
🧭 आगे की रणनीति
पार्टी ने संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उठाएगी। राज्यसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर संवैधानिक प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।
पंजाब में बढ़ते विरोध और तीखी बयानबाजी के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमा सकता है।











