चंडीगढ़: पंजाब के औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान नीदरलैंड के दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य राज्य में वैश्विक निवेश आकर्षित करना और विभिन्न क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को वैश्विक स्तर पर निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में नीति स्थिरता, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और निवेशकों के भरोसे को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सके।
कई अहम सेक्टरों पर रहेगा फोकस
इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, अलॉयज एवं स्टील, फार्मास्यूटिकल्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशेंगे। वे डच कंपनियों और निवेशकों के साथ बैठक कर पंजाब में उद्योग विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
नीदरलैंड भारत के प्रमुख विदेशी निवेशकों में शामिल है और कई डच कंपनियां पहले से पंजाब में सक्रिय हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने राजपुरा में डी ह्यूस फैक्टरी का शिलान्यास भी किया था, जबकि इंडो-डच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कृषि क्षेत्र में सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है।
पंजाब को निवेश हब के रूप में पेश करने की तैयारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पंजाब की रणनीतिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक क्लस्टर, निर्बाध बिजली आपूर्ति और कुशल कार्यबल जैसे पहलुओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। सरकार का उद्देश्य पंजाब को उत्तरी भारत के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
सुधारों और नीतियों पर जोर
दौरे के दौरान पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए प्रशासनिक सुधारों को भी प्रमुखता से रखा जाएगा। इनमें 173 से अधिक सरकारी सेवाएं, ऑटो-डीम्ड अप्रूवल, पैन-आधारित बिजनेस पहचान, राइट टू बिजनेस एक्ट में संशोधन और सिंगल विंडो सिस्टम जैसे कदम शामिल हैं, जो निवेश प्रक्रिया को सरल बनाते हैं।
रोड शो और बिजनेस मीटिंग्स
प्रतिनिधिमंडल नीदरलैंड में रोड शो, वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स और ग्लोबल कंपनियों के साथ चर्चा करेगा। इसका उद्देश्य यूरोपीय निवेशकों को आकर्षित करना और पंजाब में नए उद्योग स्थापित करना है।
सरकार को उम्मीद है कि इस दौरे से राज्य में बड़े निवेश आएंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।







