2026: पंजाब में शिक्षा क्षेत्र में बीते चार वर्षों के दौरान बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” अभियान के तहत शिक्षा क्षेत्र का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए दावा किया कि राज्य के सरकारी स्कूल अब देश में अग्रणी बन चुके हैं और राष्ट्रीय सर्वेक्षण में केरल को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया है।
🎓 शिक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही 3,500 करोड़ रुपये के साथ शिक्षा क्रांति के दूसरे चरण की शुरुआत भी की जा रही है, जिसमें विश्व बैंक के सहयोग से बड़े सुधार लागू होंगे।
🏫 सरकारी स्कूल बने मॉडल संस्थान
पंजाब सरकार के मुताबिक, सरकारी स्कूलों को अब निजी स्कूलों के बराबर सुविधाओं से लैस किया गया है। नए क्लासरूम, साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं ने शिक्षा का स्तर बेहतर किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले “स्मार्ट स्कूल” के नाम पर केवल रंग-रोगन किया जाता था, लेकिन अब वास्तविक सुधार किए गए हैं। स्कूलों में हाई-स्पीड वाई-फाई, सुरक्षा गार्ड, कैंपस मैनेजर और सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति से माहौल पूरी तरह बदल गया है।
📊 राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन
नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पंजाब ने केरल को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया। सरकारी स्कूलों के छात्रों ने राष्ट्रीय औसत से 18% अधिक अंक प्राप्त किए।
इसके अलावा:
- 740 छात्रों ने JEE परीक्षा पास की
- 1284 छात्रों ने NEET परीक्षा में सफलता पाई
- चार साल में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई
यह उपलब्धियां शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और गुणवत्ता का संकेत मानी जा रही हैं।
🌟 ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ से बदली तस्वीर
पंजाब सरकार ने 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 60 पहले ही शुरू हो चुके हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार शिक्षा दी जा रही है।
इन स्कूलों में मेडिकल, नॉन-मेडिकल, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आर्म्ड फोर्सेज की ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। साथ ही 30,000 छात्रों को मुफ्त वर्दियां और लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा दी जा रही है।
👩🏫 शिक्षकों का प्रशिक्षण और भर्ती
सरकार ने अप्रैल 2022 से अब तक 14,525 शिक्षकों की भर्ती की है और 12,316 कर्मचारियों को नियमित किया गया है।
शिक्षकों की गुणवत्ता सुधारने के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है:
- सिंगापुर में 8 बैच
- फिनलैंड (तुर्कू) में प्रशिक्षण
- IIM अहमदाबाद में लीडरशिप प्रोग्राम
यह पहल शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
🚀 नवाचार और उद्यमिता पर जोर
सरकार ने ‘बिजनेस ब्लास्टर’ योजना के जरिए छात्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दिया है। छात्रों ने अपने स्टार्टअप आइडियाज के जरिए करीब 70 करोड़ रुपये तक का कारोबार किया है।
पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जहां 11वीं कक्षा में उद्यमिता विषय को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है।
🎯 उच्च शिक्षा और डिजिटल पहल
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े कदम उठाए गए हैं:
- डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026 लागू
- श्री आनंदपुर साहिब में नई यूनिवर्सिटी की योजना
- ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल शुरू
- 10 नए डिग्री कॉलेज प्रस्तावित
इसके साथ ही पंजाबी भाषा को बढ़ावा देने के लिए हजारों किताबों का डिजिटलीकरण और ‘शब्दमाला ई-डिक्शनरी’ लॉन्च की गई है।
🗣️ मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य की प्रगति की रीढ़ होती है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में इतना आगे बढ़ेगा कि कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से भी विद्यार्थी यहां पढ़ने आएंगे।









