पंजाब की सियासत में सोमवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के दर्जनों जमीनी स्तर के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) का दामन थाम लिया। इस सामूहिक ज्वाइनिंग से AAP को बड़ा संगठनात्मक बल मिला है, जबकि विपक्षी दलों को झटका लगा है।
करीब तीन दर्जन सरपंच, पंच, ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता पार्टी में शामिल हुए। इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन ने पंजाब खादी वेलफेयर बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह आहूजा की मौजूदगी में सभी नेताओं का स्वागत किया।
AAP में शामिल होने वालों में साहिब सिंह छज्जलवडी, सर्बजीत कौर धालीवाल, सतजीत सिंह, कुलदीप कौर, जसकरण सिंह और डॉ. चरणजीत सिंह जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं। इसके अलावा कई पूर्व सरपंच, पंच और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी पार्टी जॉइन कर संगठन को मजबूती देने का संकल्प लिया।
राजबीर सिंह घुम्मन ने कहा कि लगातार विपक्षी दलों के नेताओं का AAP में शामिल होना इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की नीतियों और जनहितैषी फैसलों पर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में विकास और पारदर्शी शासन के कारण AAP का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है।
नए शामिल हुए नेताओं ने भी मुख्यमंत्री की नेतृत्व क्षमता पर विश्वास जताते हुए कहा कि वे सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर AAP में आए हैं। उनका कहना था कि AAP ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो समाज के हर वर्ग के हित में काम कर रही है।
नेताओं ने यह भी भरोसा दिलाया कि वे पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस राजनीतिक बदलाव को आगामी चुनावों से पहले AAP के लिए एक बड़ी मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।










