पंजाब में भगवंत सिंह मान सरकार की ‘खेल क्रांति’ अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। राज्य न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल नक्शे पर तेजी से उभर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम के तहत खेल विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कई बड़ी उपलब्धियों और योजनाओं का खुलासा किया।
सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि पंजाब पहली बार प्रतिष्ठित हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा। इसके साथ ही करीब 40 वर्षों बाद राज्य को अंडर-13 राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी भी मिली है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय खेल नक्शे पर पंजाब की एंट्री
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह पहली बार है जब पंजाब को किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिला है। अक्टूबर-नवंबर में आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन समेत छह टीमें भाग लेंगी।
हॉकी मुकाबले मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर स्टेडियम और जालंधर के सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसके अलावा राज्य में हर साल चार देशों का हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
🏸 40 साल बाद बैडमिंटन चैंपियनशिप की वापसी
पंजाब के लिए यह भी बड़ी उपलब्धि है कि 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन चैंपियनशिप (अंडर-13) जालंधर में आयोजित होगी। यह आयोजन युवा खिलाड़ियों को मंच देने के साथ-साथ खेल संस्कृति को मजबूत करेगा।
💰 खेल बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
मान सरकार ने खेल क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देते हुए बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की है।
- 2023-24 में 350 करोड़ रुपये का बजट अब बढ़कर 1791 करोड़ रुपये हो गया है
- कोचों की संख्या 500 से बढ़ाकर 2458 की गई
- 324 नए कोच भर्ती किए गए
यह पंजाब को देश का ऐसा राज्य बनाता है जिसने खेलों पर सबसे अधिक बजट खर्च करने का रिकॉर्ड बनाया है।
🏅 खिलाड़ियों के लिए बड़े प्रोत्साहन
सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई वित्तीय योजनाएं शुरू की हैं:
- ओलंपिक की तैयारी के लिए 15 लाख रुपये
- एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये
- ओलंपिक और एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये तक का इनाम
- 9 ओलंपिक खिलाड़ियों को PCS और DSP की नौकरियां
इसके अलावा पिछले चार वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई है।
🏟️ ग्राउंड लेवल पर बड़ा बदलाव
राज्य में खेलों को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया गया है:
- 3100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं
- 3000 आधुनिक जिम स्थापित किए जा रहे हैं
- 17,000 खेल किट वितरित की गईं
- 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पोषण आधारित प्रशिक्षण
‘खेड़ां वतन पंजाब दीयां’ के तहत खिलाड़ियों की भागीदारी 1.5 लाख से बढ़कर 5 लाख तक पहुंच गई है।
🧑🌾 खेलों से नशे के खिलाफ जंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार हैं। युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है, जिससे सामाजिक सुधार भी संभव हो सके।
🏑 पंजाब की ऐतिहासिक खेल विरासत
पंजाब का खेलों से गहरा नाता रहा है। राज्य ने देश को कई महान खिलाड़ी दिए हैं—
हरमनप्रीत सिंह, शुभमन गिल, हरमनप्रीत कौर, गुरप्रीत सिंह संधू, अर्शदीप सिंह जैसे नाम आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे हैं।
हॉकी में पंजाब का दबदबा ऐतिहासिक रहा है। 50 से अधिक पंजाबी खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते हैं और कई खिलाड़ियों ने भारतीय टीम की कप्तानी की है।
🏗️ इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश
सरकार ने खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए हैं:
- मोहाली, बठिंडा और लुधियाना में हॉकी एस्ट्रोटर्फ बदले गए
- मोहाली में नया सिंथेटिक ट्रैक बनाया गया
- स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर में 113 पद सृजित
अमृतसर, पटियाला, लुधियाना और बठिंडा में विशेषज्ञ डॉक्टर और फिजियोथेरेपिस्ट तैनात किए गए हैं।
🎯 सरकार का लक्ष्य: खेलों में नंबर-1 पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य पंजाब को देश का खेल हब बनाना है। उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों ने खेलों को नजरअंदाज किया, लेकिन अब इसे प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा,
“असली विकास तभी संभव है जब युवा फिट, अनुशासित और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें—और खेल इसके लिए सबसे बड़ा माध्यम हैं।”








