
पंजाब में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि “जो महिलाएं घर को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं, वे देश को भी उतनी ही कुशलता से चला सकती हैं।” उन्होंने महिलाओं से राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में आगे आने का आह्वान किया।
मोहाली में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं, रोजगार के अवसरों और आर्थिक सहायता कार्यक्रमों का विस्तार से उल्लेख किया।
🔷 महिलाओं की भागीदारी से ही मजबूत होगा लोकतंत्र
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना लोकतंत्र अधूरा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राजनीति में महिलाओं की उपस्थिति बढ़ना बेहद जरूरी है, ताकि समाज में संतुलित और न्यायपूर्ण फैसले लिए जा सकें।
उन्होंने कहा,
“आज महिलाएं शिक्षा, खेल, व्यवसाय और प्रशासन हर क्षेत्र में आगे हैं, लेकिन राजनीति में उनकी भागीदारी अभी भी सीमित है। अब समय आ गया है कि महिलाएं इस क्षेत्र में भी अपनी मजबूत पहचान बनाएं।”
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को अपने मतदान अधिकार का समझदारी से उपयोग करना चाहिए, ताकि योग्य नेतृत्व का चुनाव हो सके।
🔷 प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में प्रशासनिक ढांचे में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में महिलाओं को डिप्टी कमिश्नर (DC) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जैसे अहम पदों पर नियुक्त किया है।
उन्होंने दावा किया कि किसी भी अन्य सरकार की तुलना में ‘आप’ सरकार ने इन उच्च पदों पर सबसे अधिक महिलाओं की नियुक्ति की है, जो राज्य में बदलते सामाजिक दृष्टिकोण का संकेत है।
🔷 महिला सशक्तिकरण के लिए योजनाओं की भरमार
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और स्वास्थ्य के स्तर पर सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा:
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मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत
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सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1000 प्रति माह
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अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह दिए जाएंगे
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इस योजना का लाभ पंजाब की करीब 97% महिलाओं को मिलेगा
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इसके लिए सरकार ने 9300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है
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पंजीकरण प्रक्रिया 13 अप्रैल से शुरू होगी
इसके अलावा उन्होंने बताया कि:
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‘मेरी रसोई’ योजना के तहत 40 लाख परिवारों को राशन किट दी जाएगी
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किट में चीनी, दाल, सरसों का तेल, हल्दी और नमक शामिल होगा
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इस योजना के लिए 900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं
🔷 शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल आर्थिक सहायता से गरीबी खत्म नहीं हो सकती, बल्कि शिक्षा ही स्थायी समाधान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है, खासकर लड़कियों के लिए।
उन्होंने कहा,
“महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए लगातार नए कौशल सीखने होंगे। सरकार सहयोग कर रही है, लेकिन बदलते समय के साथ खुद को अपडेट करना भी जरूरी है।”
🔷 महिला उद्यमियों को मिला सम्मान
इस कार्यक्रम में पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (PSRLM) के तहत 23 जिलों की 100 सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित किया गया। प्रत्येक महिला को:
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₹25,000 की नकद राशि
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प्रशंसा पत्र
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स्मृति चिन्ह
दिया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले:
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117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया गया
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जिला स्तर पर 2,300 महिलाओं को सम्मान मिला
राज्य में अब तक:
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58,303 स्वयं सहायता समूह (SHG) बनाए जा चुके हैं
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इनसे करीब 5.89 लाख परिवार जुड़े हैं
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इन समूहों को मजबूत करने के लिए 147 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है
🔷 स्टार्टअप और रोजगार में महिलाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए स्टार्टअप और रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जा रहे हैं।
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पहल स्टार्टअप प्रोजेक्ट के तहत
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2000 से अधिक स्टार्टअप शुरू
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7560 लोगों को रोजगार
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सखी शक्ति मेलों के जरिए
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महिलाओं को 1 करोड़ रुपये से अधिक की आय
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डेयरी सहकारी समितियां (वेरका के साथ)
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7000 महिलाओं को जोड़ने की योजना
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रोजाना 85,000 लीटर दूध उत्पादन का लक्ष्य
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भविष्य में 1000 समितियां स्थापित करने की योजना
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🔷 स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा में भी राहत
महिलाओं को बेहतर जीवन देने के लिए सरकार ने स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर भी ध्यान केंद्रित किया है:
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मुख्यमंत्री सेहत योजना
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10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
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आम आदमी क्लीनिक
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मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं
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90% घरों को मुफ्त बिजली
इसके अलावा:
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सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण
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स्थानीय निकायों और पंचायतों में 50% आरक्षण
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65,000 से अधिक सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी
🔷 आंगनवाड़ी और पोषण कार्यक्रम
महिलाओं और बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए:
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27,314 आंगनवाड़ी केंद्रों के जरिए
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लगभग 1.86 लाख लड़कियों को पोषाहार दिया जा रहा है
इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भर्ती भी जारी है।
🔷 महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं और छात्राओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना बेहद सफल साबित हो रही है। इससे न केवल उनकी आवाजाही आसान हुई है, बल्कि शिक्षा और रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
🔷 मनीष सिसोदिया का बयान
इस मौके पर ‘आप’ के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पहले ऐसे सम्मान केवल संपन्न परिवारों तक सीमित रहते थे, लेकिन अब आम परिवारों की महिलाओं को भी मंच मिल रहा है।
उन्होंने कहा,
“जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को सम्मान देना उनके जीवन में बदलाव लाता है और उन्हें राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरित करता है।”
🔷 सांस्कृतिक प्रेरणा और ऐतिहासिक संदर्भ
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सिख इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को हमेशा सम्मानजनक स्थान दिया गया है। उन्होंने माता गुजरी जी और माई भागो जैसी महान हस्तियों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महिलाएं उत्पादन में बड़ी भूमिका निभा रही हैं और यदि वे काम बंद कर दें तो वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।









