भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब मंत्रिमंडल ने राज्य के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। सबसे बड़ा फैसला ‘पंजाब सरकार खाद्य कार्यक्रम’ को मंजूरी देना है। इसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को गेहूं के साथ दाल, चीनी, सरसों का तेल और नमक भी दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे राज्य के करीब 40 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
एनएफएसए के तहत मिलेगा अतिरिक्त राशन
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत पहले लाभार्थियों को गेहूं दिया जाता था। अब राज्य सरकार ने इसमें दाल, चीनी, तेल और नमक जोड़ने का फैसला किया है। यह वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पोषणयुक्त भोजन मिल सकेगा। अप्रैल से यह योजना लागू करने की तैयारी है। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि राशन की गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
आबकारी राजस्व का लक्ष्य 12,800 करोड़
मंत्रिमंडल ने वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी नीति को भी मंजूरी दी है। इस वर्ष 12,800 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा गया है। पिछले संशोधित लक्ष्य 11,200 करोड़ रुपये की तुलना में यह 1,600 करोड़ रुपये अधिक है।
सरकार के अनुसार मौजूदा कार्यकाल की शुरुआत में आबकारी राजस्व करीब 6,200 करोड़ रुपये था। अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने का अनुमान है। अतिरिक्त राजस्व का उपयोग जनकल्याण योजनाओं पर किया जाएगा।
बाढ़ प्रभावित किसानों को एकमुश्त मुआवजा
वर्ष 2025 में भारी बारिश और बाढ़ से फसलों को नुकसान हुआ था। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि सरकारी जमीन पर खेती कर रहे ऐसे किसानों को एक बार मुआवजा दिया जाएगा, जिनकी गिरदावरी दर्ज थी लेकिन पहले भुगतान नहीं हुआ था।
यह मुआवजा मानवता के आधार पर दिया जाएगा। इससे जमीन के स्वामित्व का कोई अधिकार नहीं मिलेगा। सरपंच, नंबरदार और पटवारी की समिति रिकॉर्ड की जांच कर रिपोर्ट देगी। यदि 2015 के रिकॉर्ड के अनुसार कब्जा सही पाया गया तो ही मुआवजा मिलेगा।
ओटीएस योजना में 30 जून 2026 तक विस्तार
सरकारी विभागों और सार्वजनिक संस्थानों के लिए एकमुश्त निपटान योजना (ओटीएस) की अवधि बढ़ा दी गई है। पहले यह 31 दिसंबर 2025 तक थी। अब इसे 30 जून 2026 तक लागू रखा जाएगा।
यह सुविधा उन आवंटियों को मिलेगी जिन्होंने तय समय में आवेदन किया है और जिनके प्लॉट बहाल किए गए हैं। वे ब्याज सहित बकाया राशि जमा कर योजना का लाभ ले सकेंगे।
वांछित अपराधियों के लिए नई इनाम नीति
कैबिनेट ने वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पारदर्शी इनाम नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत सूचना देने वालों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। एसएसपी, पुलिस कमिश्नर और डीजीपी स्तर के अधिकारियों को स्वीकृति देने के अधिकार दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इससे कानून व्यवस्था मजबूत होगी और अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी आएगी।
6 से 16 मार्च तक बजट सत्र
मंत्रिमंडल ने 16वीं पंजाब विधानसभा का बजट सत्र 6 से 16 मार्च तक बुलाने का फैसला किया है। 6 मार्च को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 8 मार्च को वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं और खर्चों पर चर्चा होगी।
स्वास्थ्य विभाग में बड़े फैसले
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 361 स्टाफ नर्सों के पद फिर से बहाल किए जाएंगे। इनमें कई पद एक वर्ष से अधिक समय से खाली थे। इन पदों को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के माध्यम से भरा जाएगा।
इसके अलावा कोविड महामारी के दौरान सेवाएं देने वाले वालंटियरों को भर्ती में आयु सीमा में छूट और अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे। यह लाभ 31 दिसंबर 2026 तक होने वाली सीधी भर्ती में लागू होगा।
आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड में दो नए पद
मंत्रिमंडल ने आर्थिक नीति एवं योजना बोर्ड में वाइस चेयरपर्सन के दो नए पद सृजित करने को मंजूरी दी है। अब इनकी संख्या तीन से बढ़कर पांच हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे योजनाओं की निगरानी और विभागों के बीच तालमेल बेहतर होगा।
निष्कर्ष
कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार खाद्य सुरक्षा, किसानों की राहत, राजस्व बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। 40 लाख परिवारों को अतिरिक्त राशन, किसानों को मुआवजा और स्वास्थ्य विभाग में नई भर्तियां आने वाले समय में राज्य की बड़ी योजनाओं का हिस्सा बनेंगी।









