
जिले में बढ़ते शोर प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला मैजिस्ट्रेट डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने स्पष्ट आदेश जारी करते हुए कहा है कि तय मानकों से अधिक शोर किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आदेशों के अनुसार मैरिज पैलेस, सार्वजनिक स्थानों और धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित सीमा से 10 डेसिबल कम रखनी होगी। लाउडस्पीकर के उपयोग से पहले प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होगा। अनुमति मिलने के बाद भी लाउडस्पीकर का इस्तेमाल केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा।
जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार के वाहनों में प्रेशर हॉर्न के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है। बस, कार, मोटरसाइकिल समेत किसी भी वाहन में प्रेशर हॉर्न नहीं बजाया जा सकेगा। इसके साथ ही सब्जी विक्रेताओं, कबाड़ की दुकानों, ठेले, ई-रिक्शा और ऑटो चालकों द्वारा स्पीकर या अन्य शोर करने वाले उपकरणों के प्रयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश 3 फरवरी 2026 से 2 अप्रैल 2026 तक लागू रहेंगे।







