पंजाब की राजनीति में अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर विरोधियों को तीखा संदेश दिया है। सिद्धू ने साफ शब्दों में कहा कि वह कबूतर की तरह नहीं, बल्कि बाज की तरह जीते हैं। उनका कहना था, “मुझे पलटना आता है, झपट्टा मारना भी आता है और झपट्टा मारने के बाद फिर से पलटना मेरी आदत है।” उनके इस बयान को राजनीतिक विरोधियों के लिए सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
सिद्धू ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं और न ही किसी से डरते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति सच्चाई, हिम्मत और साहस पर आधारित है। उनके अनुसार, सिद्धांतों से समझौता करना उनकी फितरत में नहीं है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों।
इस बयान के सामने आते ही पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिद्धू के तेवर आने वाले समय में कांग्रेस की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ राज्य के राजनीतिक माहौल को भी गर्मा सकते हैं। समर्थक इसे नेतृत्व की मजबूती बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे महज बयानबाजी करार दे रहे हैं।









