
डोंकी रूट के जरिए अवैध रूप से लोगों को विदेश भेजने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ED की जालंधर जोन टीम ने 18 दिसंबर 2025 को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में एक साथ छापेमारी करते हुए कुल 13 व्यावसायिक और रिहायशी ठिकानों को खंगाला। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।
ED की यह जांच फरवरी 2025 में दर्ज उन एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जब अमेरिका से 330 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट कर भारत वापस भेजा गया था। इन सभी को अमेरिकी सेना के कार्गो विमान के जरिए स्वदेश लाया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि इन लोगों को “डोंकी रूट” के माध्यम से अवैध रूप से अमेरिका भेजा गया था।
ED की जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले के पीछे ट्रैवल एजेंटों, बिचौलियों, तथाकथित डोंकरों, विदेशों में मौजूद संपर्कों, हवाला ऑपरेटरों और रहने-खाने की व्यवस्था कराने वाले लोगों का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। पहले की गई दो छापेमारियों के दौरान मिले सबूतों के आधार पर नेटवर्क में शामिल दूसरे और तीसरे स्तर के लोगों की पहचान हुई, जिन्हें अब इस ताजा कार्रवाई में शामिल किया गया है।
आज की छापेमारी में रिची ट्रैवल्स (जालंधर), तरुण खोसला (दिल्ली) और बलवान शर्मा (पानीपत) सहित कई लोगों और संस्थानों को कवर किया गया। उल्लेखनीय है कि ED पहले ही इस मामले में 5.41 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर चुकी है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।









