
पंजाब की भगवंत मान सरकार सीमावर्ती जिलों के सर्वांगीण विकास के मिशन पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में, आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू ने जानकारी दी कि सरकार ने तरनतारन जिले के गांवों के विकास के लिए 28.4 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
संधू ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत तरनतारन को ‘ओडीएफ प्लस’ (Open Defecation Free Plus) मॉडल जिले में बदलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 118 गांवों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Liquid Waste Management) के कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जबकि 70 अन्य परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है।
हरमीत सिंह संधू ने कहा कि,
“पिछली सरकारों ने सीमावर्ती जिले तरनतारन को विकास की दौड़ में पीछे छोड़ दिया था। लेकिन ‘आप’ सरकार ने गांवों की सूरत बदलने के लिए करोड़ों रुपये जारी कर यह साबित किया है कि हमारी प्राथमिकता केवल और केवल जनता का विकास है।”
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 572 ग्राम पंचायतों और ग्राम पंचायत जल आपूर्ति एवं स्वच्छता समितियों के खातों में 2,838.57 लाख रुपये की राशि सीधी ट्रांसफर की गई है, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की धन की कमी न रहे।
संधू ने यह भी बताया कि तरनतारन जिला वर्ष 2018 में ओपन डिफेक्शन फ्री (ODF) घोषित हुआ था, लेकिन पिछली सरकारों ने इसे आगे बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब भगवंत मान सरकार ने इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता, नालियों के निर्माण, तरल अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गांवों में थापर मॉडल, सीचेवाल मॉडल और सोक पिट सिस्टम लागू किए जा रहे हैं।
“ये सिर्फ योजनाएं नहीं हैं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर हो रहा असली विकास है, जो तरनतारन की तस्वीर बदल देगा,” — हरमीत सिंह संधू ने कहा।
संधू ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार सीमावर्ती जिलों के सतत विकास और स्वच्छ वातावरण के लिए हर संभव कदम उठाएगी।









