
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में आज अकाली दल के नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी और रिमांड के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका मजीठिया ने अपनी “गैरकानूनी गिरफ्तारी और रिमांड” को चुनौती देने के लिए लगाई थी।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल ने बताया कि मजीठिया ने मोहाली अदालत के 26 जून 2025 के फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन अब वह फैसला मायने नहीं रखता क्योंकि उसके बाद नए समन (कोर्ट का बुलावा) जारी किए जा चुके हैं।
कोर्ट ने मजीठिया के वकील से कहा कि अब वे एक नई और संशोधित याचिका दाखिल करें। क्योंकि कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 8 जुलाई, मंगलवार तय की है।









