
पूर्व मेयर जगदीश राजा ने कांग्रेस को जोर का झटका धीरे से दिया। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की सारी रणनीति व योजनाओं की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। अपने और अपनी पत्नी अनीता राज के वार्ड में जनता के बीच अच्छी पकड़ रखने वाले जगदीश राजा ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया और आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। अंदर की बात यह थी कि 2022 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार से पार्टी अंदरखाते राजा से बेहद खफा थी।
जिला प्रधान राजिंदर बेरी ने तो साफ तौर पर कहा था कि राजा के भीतरघात के कारण ही वह सैंट्रल हलके की सीट हारे थे। कांग्रेस हाईकमान ने भी घोषणा कर दी थी कि जिन-जिन नेताओं ने भीतरघात किया था, उन्हें टिकट नहीं दी जाएगी मगर जगदीश राजा और उनकी पत्नी अनीता राजा फिर भी बेहद आश्वस्त थे कि कांग्रेस उनकी टिकट नहीं काटेगी क्योंकि दोनों अपने-अपने वार्ड में जीतने का मादा रखते थे तो उनकी एक पकड़ और पहचान भी वार्ड में अच्छी थी मगर जिला प्रधान राजिंदर बेरी ने राजा व उनकी पत्नी की टिकट कटवाने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था और पार्टी हाईकमान ने भी लगभग इस पर मुहर लगा दी थी।
ऐसा लग रहा था कि दोनों पति-पत्नी की टिकट काटी जा सकती है। इस बात को पूर्व मेयर जगदीश राजा अच्छी तरह भांप गए थे। इससे पहले कि कांग्रेस हाईकमान उनकी टिकट काटने का कदम उठाती, उससे पहले राजा ने ही कांग्रेस पार्टी को तगड़ा झटका दे दिया। अपनी पत्नी अनीता राजा के साथ राजा ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया। इस ज्वाइनिंग से शहर की राजनीति में हलचल मच गई। अचानक से कांग्रेस के सारे समीकरण बिगड़ गए।









