चंडीगढ़ : पंजाब में पंजाबी मातृ भाषा को लेकर मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान ने बड़ा ब्यान दिया है। उन्होंने पंजाबी मातृ भाषा को लेकर पंजाबियों को अपील की है। सारे दफ्तरों में पंजाबी भाषा को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान ने कहा कि 21 फरवरी को जो राष्ट्रीय दिवस के साइन बोर्डों पर पंजाबी में लिखे जाए। बाकी भाषाओं का इस्तेमाल बाद में किया जाए। उन्होंने कहा कि 21 फरवरी के बाद प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करेगा।
इस अवसर पर बोलते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संक्षेप में पंजाबी भाषा के महत्व के बारे में बताया और कहा कि वह अपनी मातृभाषा को याद करके अपनी संस्कृति और विरासत को बचा सकते हैं क्योंकि हर देश के लोग अपनी मातृभाषा से प्यार करते हुए मां बोली को कभी नहीं भूलते और हर जगह अपनी मां बोली को पेश करते हैं। लेकिन पंजाबियों द्वारा विदेशों और अन्य राज्यों में जाते हैं तो उन्हें भुला दिया जाता है, जिसके कारण वह कही न कहीं मातृ भाषा को मार देते हैं।










