
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पंजाब अनुसूचित जाति आयोग (Punjab SC Commission) ने वड़िंग के खिलाफ 8 दिनों के भीतर गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी ने यह कार्रवाई पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय बूटा सिंह पर की गई कथित नस्लभेदी टिप्पणी के मामले में की है।
जानकारी के अनुसार, इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब तरनतारन उपचुनाव के दौरान राजा वड़िंग ने एक सार्वजनिक सभा में स्वर्गीय बूटा सिंह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद बूटा सिंह के बेटे सरबजोत सिंह सिद्धू ने कपूरथला पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने वड़िंग के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
अब आयोग प्रमुख जसवीर सिंह गढ़ी ने डीएसपी हरगुरदेव सिंह को चंडीगढ़ तलब करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सवाल किया कि अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। गढ़ी ने सख्त शब्दों में निर्देश दिया कि किसी भी हाल में 8 दिनों के भीतर राजा वड़िंग को गिरफ्तार किया जाए।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि विवादित बयान का वीडियो फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और उसकी रिपोर्ट आने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। इस पर गढ़ी ने कहा कि “राजा वड़िंग कोई रॉबिनहुड नहीं हैं कि पुलिस उन्हें ढूंढ न सके। वे खुलेआम घूम रहे हैं और फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही—यह अस्वीकार्य है।”
इस बयान के बाद से राजा वड़िंग पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ गया है, और कांग्रेस के भीतर भी इस पर चर्चाएं तेज हैं।








