चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने ग्रामीण रोजगार को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से ‘वीबी जी राम जी’ (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि नई योजना के तहत पात्र मजदूरों को बिना किसी व्यवधान के रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और राज्यभर में विकास कार्य भी लगातार जारी रहेंगे।
उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना 30 जून 2026 तक लागू रही, जबकि 1 जुलाई 2026 से वीबी जी राम जी योजना प्रभावी हो गई है।
हर ग्राम पंचायत में लगेंगे जॉब कार्ड पंजीकरण शिविर
मंत्री ने बताया कि मनरेगा के सभी वैध जॉब कार्ड धारकों को स्वतः नई योजना का लाभ मिलेगा। वहीं, नए लाभार्थियों के पंजीकरण के लिए 20 जुलाई से राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष जॉब कार्ड पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे।
इन शिविरों में नए श्रमिकों का पंजीकरण करने के साथ-साथ पुराने लाभार्थियों के रिकॉर्ड भी अपडेट किए जाएंगे।
मजदूर अगले ही दिन से कर सकेंगे काम शुरू
सरकार ने पहले से ही विभिन्न विकास कार्यों की पहचान और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर ली है। ग्राम सभाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों के अनुसार नए कार्य भी तय किए जाएंगे।
साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में मस्टर रोल जारी किए जा रहे हैं ताकि पात्र मजदूर आवेदन के बाद अगले ही दिन से काम शुरू कर सकें। मजदूरों की उपस्थिति डिजिटल सॉफ्टवेयर के जरिए दर्ज की जाएगी।
4000 कर्मचारियों को सौंपी गई नई जिम्मेदारी
योजना के सुचारु संचालन के लिए ग्रामीण विकास विभाग की अन्य योजनाओं में कार्यरत करीब 4,000 कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इसके अलावा जूनियर इंजीनियरों को तकनीकी सहायकों का कार्य सौंपा गया है और ब्लॉक स्तर पर अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया गया है ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।
10 प्रतिशत वेतन वृद्धि और दीर्घकालिक कॉन्ट्रैक्ट का प्रस्ताव
तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों के लिए करीब 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि पहले जहां मनरेगा के तहत वार्षिक अनुबंध होता था, वहीं नई योजना में कर्मचारियों को दीर्घकालिक कॉन्ट्रैक्ट देने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे नौकरी में अधिक स्थिरता और सुरक्षा मिलेगी।
नियमितीकरण का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका
मंत्री ने बताया कि मनरेगा कर्मचारियों को नियमित करने संबंधी विशेष प्रस्ताव पहले ही पंजाब सरकार के परसोनल विभाग को भेजा जा चुका है। विभाग की ओर से मांगी गई टिप्पणियों के बाद संशोधित प्रस्ताव दोबारा प्रस्तुत कर दिया गया है।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा नियमितीकरण नीति सीधे मनरेगा कर्मचारियों पर लागू नहीं होती, क्योंकि वे केंद्र प्रायोजित योजना के तहत कार्यरत थे।
वेतन भुगतान और केंद्र से फंड की स्थिति
मंत्री ने जानकारी दी कि तकनीकी सहायकों का वेतन मई 2026 तक तथा ग्राम रोजगार सहायकों एवं अन्य कर्मचारियों का वेतन जनवरी 2026 तक जारी किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि भुगतान में देरी केंद्र सरकार से फंड देर से मिलने और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हुई थी।
साथ ही केंद्र सरकार को अगली फंडिंग के लिए उपयोगिता प्रमाणपत्र भेज दिए गए हैं और 20 जुलाई के बाद अगली किस्त जारी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत वेतन भुगतान के लिए केंद्र सरकार पहले ही 50 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है।
मंत्री की कर्मचारियों से अपील
तरुनप्रीत सिंह सौंद ने सभी कर्मचारियों से नई योजना के तहत अपनी जिम्मेदारियां संभालने और ग्रामीण विकास कार्यों को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है।










