
पंजाब सरकार ने राज्य में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए एक नया कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने संगरूर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) में सरकारी स्कूलों के अध्यापकों से सीधे संवाद किया और उनसे फीडबैक व सुझाव लिए। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों की भागीदारी से जमीनी हकीकत के अनुसार नीतियां बनाना है।
📌 प्रमुख घोषणाएं और निर्णय:
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400 करोड़ रुपये की लागत से कंप्यूटर लैब्स का नवीनीकरण किया जाएगा।
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स्कूलों में इंटरएक्टिव पैनल लगाए जाएंगे।
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अध्यापकों के तीसरे बैच को विदेश प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा – चयन केवल मेरिट के आधार पर होगा।
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400 नए प्रिंसिपलों की जल्द होगी नियुक्ति।
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बैठने और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को स्कूलों में किया जाएगा बेहतर।
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार सिर्फ “दिखावटी योजनाओं” में नहीं बल्कि नतीजा-आधारित (Outcome Oriented) शिक्षा प्रणाली लागू कर रही है।
📊 सफलता की झलक:
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NAS 2024 (नेशनल अचीवमेंट सर्वे) में पंजाब का प्रदर्शन उल्लेखनीय।
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NEET में 845 और JEE में 265 सरकारी स्कूलों के छात्रों की सफलता।
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सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाएं – School of Eminence, School of Happiness, School of Brilliance।
उन्होंने अध्यापकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उपलब्धियां शिक्षक समुदाय की मेहनत का परिणाम हैं, और सरकार छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखेगी।









