
पंजाब सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए मंगलवार को लैंड पूलिंग नीति 2025 में अहम संशोधन किए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह तय किया गया कि लैंड पूलिंग योजना में शामिल होने वाले किसानों को अब सालाना ₹1 लाख का गुजारा भत्ता मिलेगा, जो पहले ₹20,000 था।
🏡 क्या है लैंड पूलिंग नीति?
लैंड पूलिंग योजना के तहत किसान स्वेच्छा से अपनी ज़मीन सरकार को शहरी विकास के लिए देते हैं और बदले में विकसित रिहायशी और व्यावसायिक प्लॉट प्राप्त करते हैं। सरकार जमीन अधिग्रहण नहीं करती, बल्कि किसान साझेदार के रूप में शामिल होते हैं।
🔑 संशोधित नीति के मुख्य बिंदु
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✅ ₹1 लाख सालाना भत्ता:
ज़मीन का कब्ज़ा लेने के बाद हर साल ₹1 लाख प्रति एकड़ किसान को मिलेगा। -
📈 हर साल 10% बढ़ोत्तरी:
जब तक प्लॉट सौंपे नहीं जाते, इस राशि में हर साल 10% की बढ़त होगी। -
💵 ₹50,000 एडवांस सहायता:
जमीन सौंपने से पहले ही, सरकार ₹50,000 की एकमुश्त मदद देगी। -
🧾 LOI मिलेगा 21 दिन में:
‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (LOI) अब 21 दिन में मिलेगा, जिससे किसान बैंक से लोन ले सकेंगे या उसे बेच भी सकेंगे। -
🌾 खेती की अनुमति:
जब तक विकास कार्य शुरू नहीं होता, किसान अपनी ज़मीन पर खेती करते रहेंगे। -
🔓 खरीद-बिक्री पर कोई रोक नहीं:
पूरी प्रक्रिया के दौरान ज़मीन की बिक्री, खरीद या रजिस्ट्री पर रोक नहीं होगी।
📐 प्लॉट मुआवज़ा: क्या मिलेगा किसानों को?
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✅ 1 कनाल जमीन के बदले मिलेगा:
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125 गज रिहायशी प्लॉट
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25 गज व्यावसायिक प्लॉट
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यदि किसान कमर्शियल प्लॉट नहीं लेना चाहता:
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तो इसके बदले 3 गुना रिहायशी प्लॉट दिया जाएगा।
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यानी कुल 1600 गज रिहायशी प्लॉट प्रति एकड़ मिल सकता है।्र
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🏗️ 50 एकड़ से अधिक ज़मीन देने वालों के लिए विशेष लाभ
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केवल EDC (एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज) लिया जाएगा, कोई अन्य चार्ज नहीं।
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क्लस्टर विकास मॉडल अपनाया जाएगा जिससे तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा।
📣 मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान:
“यह योजना किसानों की मर्ज़ी पर आधारित है। कोई ज़मीन जबरदस्ती नहीं ली जाएगी। पहली बार सरकार किसान को विकास का साझेदार बना रही है।”
🤝 क्यों ज़रूरी है यह योजना?
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भूमि अधिग्रहण से जुड़ी पुरानी नीतियों में पारदर्शिता की कमी रही है।
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किसान को तत्काल आर्थिक राहत, भविष्य की ज़मीन का मालिकाना हक और बैंकिंग सुविधा मिलती है।
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शहरीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करती है।
📌 निष्कर्ष
पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति 2025 संशोधन के बाद अब किसान सिर्फ ज़मीन नहीं देंगे, बल्कि उन्हें माली, सामाजिक और भविष्यगत सुरक्षा भी प्राप्त होगी। पारदर्शिता, स्वैच्छिकता और हिस्सेदारी इस योजना को देशभर में एक मॉडल बना सकती है।









