
📍 चंडीगढ़, जुलाई 2025
मुख्यमंत्री भगवंत मान के कुशल नेतृत्व और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की सोच से प्रेरित होकर पंजाब सरकार ने बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है। राज्य में ‘प्रोजेक्ट जीवन ज्योत-2’ की शुरुआत की गई है, जिसका मकसद पंजाब से बाल भिक्षावृत्ति को जड़ से खत्म करना है।
👩⚖️ महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर का बयान:
“पंजाब गुरुओं, संतों और शहीदों की भूमि है। यह शर्मनाक है कि यहां अब भी मासूम बच्चे सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर हैं। इस प्रथा को अब हर हाल में रोका जाएगा।“
मंत्री के अनुसार, पिछले 9 महीनों में राज्यभर में 753 बचाव अभियान (रेड्स/छापे) चलाए गए जिनमें कुल 367 बच्चों को बचाया गया।
इनमें से:
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350 बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया गया
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17 बच्चे, जिनके माता-पिता की पहचान नहीं हो सकी, उन्हें राज्य बाल गृहों में सुरक्षित रखा गया
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150 बच्चे दूसरे राज्यों से थे, जिन्हें पहचान के बाद उनके घर भेजा गया
🎯 प्रोजेक्ट जीवन ज्योत-2 के प्रमुख प्रावधान:
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भीख मंगवाने वाले बच्चों के माता-पिता पर कानूनी कार्रवाई
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पहली गलती पर चेतावनी, लेकिन
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दोहराव की स्थिति में अभिभावकों को “Unfit Guardian” घोषित किया जाएगा
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बच्चों को शिक्षा, पुनर्वास और पोषण सहायता दी जाएगी
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राज्य भर में बाल भिक्षावृत्ति विरोधी स्पेशल टास्क फोर्स सक्रिय
🧒🏻 बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास:
यह योजना न केवल बच्चों को भीख मांगने से बचाने का कार्य कर रही है, बल्कि उन्हें शिक्षा, भोजन, चिकित्सा व मनोवैज्ञानिक सहायता भी उपलब्ध करवा रही है। इसके साथ ही ऐसे बच्चों को नशा या अपराध की ओर धकेलने वाले गिरोहों पर निगरानी रखी जा रही है।









