पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के NEET परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को बधाई दी है। दोनों नेताओं ने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा पर विशेष फोकस का परिणाम बताया।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि भारत को विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाना है तो प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के 881 विद्यार्थियों ने इस वर्ष NEET परीक्षा उत्तीर्ण की है, जबकि वर्ष 2022 से पहले यह संख्या 100 से भी कम थी।
‘शिक्षा से बदलेगा गरीब परिवारों का भविष्य’
केजरीवाल ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और मेहनतकश परिवारों के बच्चे अब डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर रहे हैं। उनका कहना था कि जब किसी मजदूर या रिक्शा चालक का बेटा-बेटी डॉक्टर बनेगा तो पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति बदल जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता देती है और उनका मानना है कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।
CM मान बोले- शिक्षा ही गरीबी मिटाने का रास्ता
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी विद्यार्थियों की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज और देश की वास्तविक प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा को सबसे बड़ा सशक्तिकरण का माध्यम बताया था और पंजाब सरकार उसी सोच को आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने सफल विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी सराहना की, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में बच्चों की पढ़ाई के लिए लगातार मेहनत और सहयोग किया।
‘पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है’
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और सरकार का लक्ष्य केवल राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मॉडल प्रस्तुत करना है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता योजनाएं जरूरतमंदों के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन स्थायी रूप से गरीबी तभी दूर होगी जब बच्चों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा
पंजाब सरकार का कहना है कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक शिक्षा प्रणाली, बेहतर शिक्षण वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किए गए प्रयासों का सकारात्मक असर अब परिणामों में दिखाई दे रहा है।










