
लुधियाना/मोहाली:
नशे से मुक्ति दिलाने का दावा करने वाले डॉक्टर खुद जब नशे के कारोबार में शामिल हों, तो हालात वाकई चिंताजनक हो जाते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है पंजाब में, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने डॉ. अमित बंसल, रुसन फार्मा लिमिटेड और ड्रग इंस्पेक्टर रूपप्रीत कौर के ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत छापेमारी कर ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
ईडी के अनुसार, डॉ. बंसल ने अपने 22 नशा मुक्ति केंद्रों के जरिए BNX (Buprenorphine/Naloxone) दवाएं खरीदकर उन्हें अवैध ड्रग मार्केट में सप्लाई किया। ये दवाएं जो असल में नशा छुड़ाने के लिए इस्तेमाल होती हैं, उन्हें नशे को बढ़ावा देने में लगाया जा रहा था।
ड्रग इंस्पेक्टर रूपप्रीत कौर पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने इन गतिविधियों को नजरअंदाज किया और क्लीन चिट देती रहीं।
ईडी को छापों के दौरान फर्जी स्टॉक रजिस्टर, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ और संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शंस मिले हैं।
गौरतलब है कि 2022 में भी डॉ. बंसल के लुधियाना केंद्र से 4,000 BNX टैबलेट्स सहित दो कर्मचारियों को पकड़ा गया था, और मोहाली में बंसल की गिरफ्तारी हुई थी। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं, लेकिन नए सबूतों ने केस को फिर से गर्म कर दिया है।








