
बीते दिनी पंजाब के चर्चित शहर फगवाड़ा में ज्योति वैष्णो ढाबे से बरामद हुए भारी मात्रा में गौ मांस के मामले में पूरा फगवाड़ा इस समय ज्वालामुखी की आग बना हुआ है और वह गुस्से का ज्वालामुखी किसी समय भी फ़ट सकता है।
गौर हो कि बीते दिनी विभिन्न हिंदू संगठनों द्वारा फगवाड़ा गोराया नैशनल हाईवे पर स्थित ज्योति वैष्णो ढाबे पर से भारी मात्रा में गौ मांस बरामद किया है जो कि बताया ज़ा रहा है कि उस जगह से पैक होकर विभिन्न राज्यों में भेज़ा जाता था। जिसके बाद से ही मौके पर से 6 के करीब मुस्लिम लोगों को भी गिरफ्तार किया गया जोकि इस घिनौने काम को अंजाम दे रहे थे।
जिसके बाद फगवाड़ा पुलिस ने उन लोगों के साथ साथ फगवाड़ा के रहने वाले बब्बू पुत्र राम लाल वासी बसंत नगर, विजय कुमार पुत्र राम लाल वासी बसंत नगर व ज्योति ढाबे के मालिक जिसको फिलहाल नाम के साथ नामज़द नहीं किया गया पर मामला दर्ज कर लिया गया था। कारण कि चर्चा का विषय बना था कि होशियारपुर रोड पर स्थित एक हड्डा रोढ़ी पर गौं वंश को काटा ज़ाता था और उक्त ढाबे पर पैक कर विभिन्न राज्यों में भेज़ा जाता था।
इस सारे मामले के बाद से ही फगवाड़ा के हिंदू संगठनों के साथ साथ गौ वंश में आस्था रखने वाले लोगों का पारा सातवें आसमान पर चड़ा हुआ है और वो लोग इस सारे मामले के दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग ऊठा रहे है, इतना ही नहीं फगवाड़ा के कुछेक सोशल मीडिया ग्रुपों में तो नशा तस्करों की तर्ज पर इनके घर पर भी बुलडोज़र चलाने की मांग ऊठ रही है।
ऐसे में जिस कदर प्रशासन द्वारा इस मामले में आरोपियों को पकड़ने में देरी की ज़ा रही है उस से फगवाड़ा वासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच रहा है जोकि किसी भी समय एक ज्वालामुखी बन कर फूट सकता है, कारण कि हिंदू संगठनो के साथ साथ सिक्ख जत्थेबंदियों ने भी इस सारे प्रकरण का रोष मनाया है और वो भी आरोपियों को सज़ा दिलाने की मांग कर रहे है।
पुलिस के आला अधिकारियों का ना पहुंचना भी ख़ड़े कर रहा कई सवाल
वहीं फगवाड़ा जैसे चर्चित शहर जहां की आग पिछले समय में देखा जाए तो सुलग कर हमेशा ही पूरे पंजाब में धमाका करती है उस शहर में इतने बड़े पैमाने में मिले गौ मांस के बाद जिले के कई आला अधिकारी दो दिन बाद तक भी मौके का दौरा करने नहीं पहुंचे जोकि अंदर ही अंदर कई तरह के सवालों को पैदा कर रहे है, क्योंकि पहले आम तौर पर देखा गया है कि फगवाड़ा में इस कदर का कोई कांड होता था तो आला अधिकारी पहल के आधार पर फगवाड़ा में पहुंच ज़ाते थे, लेकिन इस बार आला अधिकारियों का ना पहुंचना भी कहीं ना कहीं लोगों को खटक रहा है।









