फगवाड़ा की नन्हीं बच्ची वरिहा हांडा ने बेहद कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर पूरे शहर का नाम रोशन कर दिया है। महज 1 वर्ष 10 महीने की उम्र में वरिहा ने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (IBR) में अपना नाम दर्ज करवाया है। इतनी छोटी उम्र में इस तरह की उपलब्धि हासिल करना अपने आप में अनोखा उदाहरण है।
वरिहा की माता शिवानी हांडा के अनुसार, उनकी बेटी ने आठ अलग-अलग श्रेणियों में अपनी शानदार पहचान क्षमता का प्रदर्शन किया। इसमें अंग्रेजी वर्णमाला की पहचान, विभिन्न रंगों के नाम बताना, शरीर के 15 अंगों की पहचान, 5 प्रकार के परिवहन साधनों को पहचानना और 9 अलग-अलग आकृतियों को पहचानना शामिल है। इतनी कम उम्र में उसकी तेज याददाश्त और सीखने की क्षमता देखकर हर कोई हैरान है।
वरिहा के पिता पुनीत हांडा ने बताया कि उन्होंने बेटी की इन गतिविधियों के वीडियो बनाकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स को भेजे थे। जांच के बाद संस्था ने वरिहा की प्रतिभा को मान्यता देते हुए उसे रिकॉर्ड बुक में शामिल किया। इसके साथ ही उसे सर्टिफिकेट, मेडल और गिफ्ट पैक देकर सम्मानित भी किया गया।
वरिहा की इस उपलब्धि से न केवल उसका परिवार बल्कि पूरा फगवाड़ा शहर गर्व महसूस कर रहा है। परिवार के सदस्यों—दादा वरिंद्र हांडा, दादी वीना हांडा, नाना अनिल मेहन और नानी पूनम मेहन सहित अन्य रिश्तेदारों ने खुशी जाहिर करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। वरिहा हांडा की यह उपलब्धि अन्य बच्चों और अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है।










