
पंजाब सरकार ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा बड़ा फैसला लेते हुए मोगा की एडीसी (जन्मजात प्रशासनिक सेवा अधिकारी) और नगर निगम कमिश्नर चारुमिता को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
यह कार्रवाई जमीन से जुड़े गबन और अनियमितताओं के आरोपों के बाद की गई है।
🔹 गबन के आरोपों के बाद सरकार की सख्त कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, चारुमिता पर जमीन आवंटन और वित्तीय गड़बड़ियों से संबंधित गंभीर आरोप लगे थे। मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार ने उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी किया।
यह आदेश पंजाब सिविल सेवाएं (सजा एवं अपील) नियम, 1970 के नियम 4(1)(a) के तहत जारी किया गया है।
🔹 सस्पेंड अवधि में चंडीगढ़ रहेगा मुख्यालय
सरकारी आदेश के मुताबिक,
“निलंबन अवधि के दौरान अधिकारी का मुख्यालय चंडीगढ़ रहेगा और वह सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगी।”
इसके अलावा, चारुमिता को पंजाब सिविल सेवा नियम, भाग I, धारा 1 के नियम 7.2 के अनुसार सस्पेंड अवधि के दौरान नियमानुसार भत्ते मिलेंगे।
🔹 प्रशासनिक हलकों में मचा हड़कंप
डीसी चारुमिता के निलंबन की खबर सामने आने के बाद जिले के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने मामले से संबंधित विभागीय जांच शुरू कर दी है, और अन्य जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा सकती है।
इस कदम को सरकार की “भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति” का हिस्सा बताया जा रहा है।








