आम आदमी पार्टी (आप) के संगरूर से सांसद मीत हेयर ने आरोप लगाया है कि संसद में दिए गए उनके भाषण को भारत में इंस्टाग्राम पर ब्लॉक किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए सांसद के संसद में दिए गए भाषण को सोशल मीडिया पर प्रतिबंधित करना लोकतंत्र की भावना के विपरीत है।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मीत हेयर ने कहा कि उन्होंने संसद में नीट परीक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। उनके अनुसार, यदि संसद में दिए गए भाषण को भी लोगों तक पहुंचने से रोका जाए तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है।
‘युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश’
मीत हेयर ने दावा किया कि हाल के समय में नीट परीक्षा को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों ने शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि आगामी चुनावों में शिक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा हो।
उन्होंने कहा कि देश का युवा अब धर्म, जाति और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर एकजुट हो रहा है, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
आप सांसद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पिछले कई वर्षों से समाज को विभिन्न आधारों पर विभाजित करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद में उनके भाषण का उद्देश्य शिक्षा, परीक्षा प्रणाली और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना था, लेकिन उसे भारत में इंस्टाग्राम पर उपलब्ध नहीं रहने दिया गया।
मीत हेयर ने दावा किया कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो मौजूद है, लेकिन भारत में लिंक खोलने पर ‘पोस्ट उपलब्ध नहीं है’ का संदेश दिखाई देता है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
सांसद ने कहा कि सरकार को परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने चाहिए, ताकि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर स्थायी रोक लग सके। उन्होंने कहा कि विकसित देशों की शिक्षा व्यवस्था से सीख लेने की जरूरत है, न कि केवल अस्थायी उपायों पर जोर देने की।
विद्यार्थियों पर कार्रवाई को लेकर भी उठाए सवाल
मीत हेयर ने नीट आंदोलन के दौरान प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों पर दर्ज मामलों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के समय विद्यार्थियों को कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ सख्ती बरती गई।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी
मीत हेयर ने कहा कि आम आदमी पार्टी की कानूनी टीम पूरे मामले का अध्ययन कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ है तो पार्टी उपलब्ध सभी कानूनी और संवैधानिक विकल्पों पर विचार करेगी।












