चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। दाखा विधानसभा क्षेत्र से विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने खडूर साहिब से सांसद भाई अमृतपाल सिंह की अगुवाई वाले ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के मंच से पंथ, पंजाब और पंजाबियत के मुद्दों पर आवाज उठाने का औपचारिक ऐलान कर दिया।
इस मौके पर सांसद भाई अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह, फरीदकोट से सांसद सरबजीत सिंह खालसा और भाई मनदीप सिंह सिद्धू ने अयाली के फैसले का स्वागत करते हुए इसे पंजाब केंद्रित राजनीति के लिए अहम कदम बताया।
मीडिया से बातचीत के दौरान मनप्रीत सिंह अयाली ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं अकाली था, अकाली हूं और अकाली ही रहूंगा।” उन्होंने कहा कि अकाली विचारधारा किसी परिवार या समूह की जागीर नहीं, बल्कि पंजाब, पंथ और प्रदेश के अधिकारों की ऐतिहासिक आवाज है।
अयाली ने कहा कि पंजाब इस समय आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों के कठिन दौर से गुजर रहा है। किसानों की समस्याएं, युवाओं का पलायन, बेरोजगारी, नशे और राज्य के अधिकारों से जुड़े मुद्दे गंभीर रूप धारण कर चुके हैं। ऐसे में पंजाब हितों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना समय की मांग है।
उन्होंने बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिन लोगों की सजा पूरी हो चुकी है, उन्हें जेलों में रखना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। इसके साथ ही उन्होंने सांसद भाई अमृतपाल सिंह और उनके साथियों की तत्काल रिहाई की मांग भी की।
विधायक अयाली ने कहा कि ‘आनंदपुर साहिब मत्ता’ पंजाब के संवैधानिक, आर्थिक और जल अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण दस्तावेज है और मौजूदा परिस्थितियों में इसकी भावना को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने पंजाब की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की असली ताकत उसकी एकता, भाईचारा और विविधता में है। किसी भी प्रकार की नफरत और सामाजिक विभाजन पंजाब के हित में नहीं है।
‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ से जुड़ने के फैसले पर अयाली ने कहा कि पारंपरिक राजनीति लोगों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी है। इसलिए पंजाब के अधिकारों, युवाओं के भविष्य, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती से उठाने वाले मंच के साथ खड़ा होना जरूरी था।
उन्होंने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं के लिए रोजगार, ग्रामीण विकास, छोटे उद्योगों को बढ़ावा, गरीब परिवारों के लिए योजनाबद्ध आवास और नशा व भ्रष्टाचार मुक्त पंजाब उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
अपने संबोधन के अंत में अयाली ने पंजाब के हितों के लिए संघर्ष कर रही सभी पंजाब-पक्षीय ताकतों से एकजुट होने की अपील की और राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए नई राजनीतिक सोच अपनाने का आह्वान किया।









