
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बन रही अनिश्चितता के बीच देश के कई हिस्सों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है, जिसके कारण क्षेत्र में तनाव की खबरों के बाद लोगों में आशंका का माहौल देखा जा रहा है।
इसी बीच जालंधर में भी कुछ स्थानों पर लोगों द्वारा पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडरों की अधिक खरीदारी किए जाने की सूचनाएं सामने आईं। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत बैठक बुलाकर हालात की समीक्षा की।
जालंधर के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने साफ किया कि जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने शहरवासियों को भरोसा दिलाया कि सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन सामान्य तरीके से काम कर रही है।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर ने बुधवार को पेट्रोलियम कंपनियों और गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले में उपलब्ध स्टॉक और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सुचारू है।
तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को आश्वस्त किया कि सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों को नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति की जा रही है और भविष्य में भी किसी तरह की रुकावट की संभावना नहीं है।
डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था अफवाह फैलाने, जमाखोरी या कालाबाजारी करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







