
जालंधर: शहर में सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर नाबालिग बच्चियों को निशाना बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक संगठित गिरोह बच्चियों के खुले सोशल मीडिया अकाउंट से तस्वीरें डाउनलोड करता है। बाद में उन तस्वीरों से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक वीडियो तैयार किए जाते हैं। इसके बाद परिवारों को कॉल कर पैसों की मांग की जाती है।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों द्वारा पहले परिजनों को डराया जाता है। उनसे कहा जाता है कि तय रकम न दी गई तो वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दी जाएगी। कुछ परिवारों ने पैसे देने से इनकार किया तो वीडियो शेयर कर दी गई। इससे प्रभावित परिवारों में दहशत फैल गई है।
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस को अलग-अलग इलाकों से कई शिकायतें मिली हैं। अभिभावकों ने बताया कि उनकी बेटियों की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम सेल को जांच सौंपी है।
साइबर क्राइम सेल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67बी के तहत मामला दर्ज किया है। सेल के इंचार्ज अजैब सिंह ने कहा कि आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही तकनीकी आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों के अकाउंट प्राइवेट रखें, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और किसी भी ब्लैकमेल कॉल की तुरंत शिकायत करें।








