
महिला और बाल सुरक्षा विभाग द्वारा नाबालिगों से भीख मंगवाने और बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज गुरदासपुर में बड़ी कार्रवाई की गई। बाल सुरक्षा अधिकारी सुनील जोशी की अगुवाई में चलाए गए इस अभियान में शहर के विभिन्न इलाकों से 9 नाबालिग बच्चों को पकड़ा गया, जिनमें 6 बच्चे भीख मांगते और 3 बच्चे खाने-पीने का सामान बेचते पाए गए।
सुनील जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरदासपुर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर की गई चेकिंग के दौरान छह बच्चे स्थानीय निकले, जिनके पास आधार कार्ड भी मौजूद थे और वे स्कूल जाने वाले छात्र थे। बच्चों के बयान और दस्तावेज़ों के आधार पर उनके माता-पिता को कड़ी चेतावनी देकर छोड़ा गया है। बाल सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि ये बच्चे दोबारा भीख मांगते पाए गए, तो उनके अभिभावकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान पकड़े गए तीन अन्य बच्चे बिहार से संबंधित पाए गए, जो बाजार में सामान बेचते हुए मिले। पूछताछ में इन बच्चों ने बताया कि उन्हें दो ठेकेदार – रवि और धर्मेंद्र – काम के लिए यहां लाए हैं और उनके साथ करीब 8 अन्य बच्चे भी हैं, जो रात को ठेकेदार के पास ही रहते हैं। बच्चों के अनुसार, ठेकेदार ही उन्हें रोज़ाना काम के लिए भेजते हैं।
जिला प्रशासन और डिप्टी कमिश्नर के संज्ञान में मामला आते ही पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इन तीनों बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें अस्थायी रूप से चिल्ड्रन होम भेज दिया गया है।
ठेकेदारों रवि और धर्मेंद्र, जो कि प्रारंभिक जांच में गोरखपुर, बिहार के रहने वाले पाए गए हैं, के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब यह जांच की जा रही है कि बच्चों को जबरन यहाँ लाया गया था या उनके माता-पिता ने स्वेच्छा से भेजा था।









