नई दिल्ली/चंडीगढ़: वित्तीय बिल 2026 पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में किए गए आर्थिक विकास के दावे “खोखले” साबित हुए हैं और जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
कंग ने महंगाई और रुपये की गिरावट को प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि आज देश में महंगाई ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा है और आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।
🌾 किसानों की हालत पर चिंता
किसानों के मुद्दे को उठाते हुए कंग ने कहा कि “आमदनी दोगुनी” करने का वादा पूरी तरह असफल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में खेती की लागत कई गुना बढ़ चुकी है—खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसके चलते किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
📉 आर्थिक दावों पर सवाल
कंग ने “टॉप 5 अर्थव्यवस्था” के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत अर्थव्यवस्था बताया जा रहा है, वहीं प्रति व्यक्ति आय के मामले में देश 142वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे साफ है कि विकास का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच रहा।
🏢 कॉर्पोरेट बनाम आम जनता
सरकार की नीतियों को “प्रो-कॉर्पोरेट” बताते हुए कंग ने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए गए, जबकि किसान अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने इसे आर्थिक असमानता का बड़ा उदाहरण बताया।
⚔️ अग्निवीर योजना और युवाओं का भविष्य
कंग ने अग्निवीर योजना की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे युवाओं का भविष्य अस्थिर हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि रोजगार की कमी और असुरक्षा युवाओं को गलत रास्तों की ओर धकेल सकती है, जिससे सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
🌍 अंतरराष्ट्रीय व्यापार और किसानों पर असर
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चिंता जताते हुए कंग ने कहा कि यह डील खासकर डेयरी, सेब और मक्का उत्पादकों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए बिना तैयारी के धकेल रही है।
🚛 वाघा बॉर्डर खोलने की मांग
कंग ने पंजाब के रास्ते सीमा पार व्यापार को बढ़ावा देने की मांग करते हुए कहा कि अमृतसर-लाहौर (वाघा बॉर्डर) रूट को खोलने से उत्तर भारत के किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने दावा किया कि जहां मुंबई-कराची व्यापार जारी है, वहीं पंजाब के किसानों को इस अवसर से वंचित रखा जा रहा है।
🧑🌾 मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा पर सवाल
उन्होंने मनरेगा योजना को कमजोर करने और पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) पर ठोस कदम न उठाने को लेकर भी सरकार की आलोचना की। कंग ने कहा कि इससे मजदूरों और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पर सीधा असर पड़ा है।
🗣️ “विकास तभी जब हर वर्ग मजबूत हो”
अपने भाषण के अंत में कंग ने कहा कि देश का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब किसान, मजदूर और युवा—तीनों वर्ग आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित हों। उन्होंने सरकार से जमीनी स्तर पर काम करने और केवल दावों के बजाय वास्तविक सुधार लाने की अपील की।









