आम आदमी पार्टी पंजाब के महासचिव और पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह द्वारा पार्टी के कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के लिए आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर कड़ा ऐतराज जताया है। इसके साथ ही उन्होंने परगट सिंह की ओर से दी गई डिबेट की खुली चुनौती को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि वे पंजाब से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत करते हुए दीपक बाली ने कहा कि उन्होंने आज सुबह सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को कई बार देखा, जिसमें विधायक परगट सिंह आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्रियों, जिला अध्यक्षों और अन्य वरिष्ठ नेताओं के लिए ‘साले’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। दीपक बाली ने कहा कि यह भाषा न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि एक जनप्रतिनिधि की गरिमा के भी खिलाफ है।
दीपक बाली ने परगट सिंह की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि उनकी सार्वजनिक भाषा बनावटी है। उन्होंने कहा कि जब परगट सिंह ने खुले तौर पर इस तरह के शब्दों का प्रयोग किया तो यह साफ हो गया कि उनकी राजनीति केवल दिखावे और नाटकबाजी तक सीमित है। बाली ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन भाषा मर्यादित होनी चाहिए।
डिबेट की चुनौती को स्वीकार करते हुए दीपक बाली ने कहा कि वे पंजाब के आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक किसी भी विषय पर बहस के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि चाहे 24 घंटे का समय दिया जाए, 72 घंटे का या फिर तुरंत किसी टीवी चैनल पर डिबेट आयोजित की जाए, वे हर स्थिति में तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि जरूरत हो तो चैनल द्वारा पर्ची निकालकर यह तय किया जाए कि बहस किस मुद्दे पर होगी।
दीपक बाली ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पंजाब की जमीनी हकीकत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि “हम पंजाब को सिर्फ जानते ही नहीं, बल्कि जीते हैं। पंजाब हमारी सोच, हमारे व्यवहार और हमारे संस्कारों में बसता है।” उन्होंने परोक्ष रूप से परगट सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता बनावटी भाषा या नाटकीय शब्दों के सहारे राजनीति नहीं करते।
अंत में दीपक बाली ने स्पष्ट किया कि वे डिबेट के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन उनकी एक ही शर्त है कि बहस के दौरान भाषा सभ्य और मर्यादित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि असभ्य भाषा या व्यक्तिगत टिप्पणी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।









