
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पवित्र नगर श्री आनंदपुर साहिब में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे विरासती मार्ग (Heritage Corridor) का नींव पत्थर रखा। यह मार्ग श्रद्धालुओं को तख्त श्री केसगढ़ साहिब तक ले जाएगा और इसे सफेद संगमरमर तथा पारंपरिक कलाकारी से सजाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वाहेगुरु ने इस ऐतिहासिक सेवा का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती ने केवल पंजाब और सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के इतिहास को नया मोड़ दिया है। यहीं पर 1699 में दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी।
📌 परियोजना की खास बातें
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कुल लागत: 25 करोड़ रुपये (पहले चरण में 18 करोड़ का कार्य)
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पूरा होने की समय सीमा: 31 मार्च 2026
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मार्ग की लंबाई: 580 मीटर
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विभाजन: दो हिस्से – एक पवित्र सरोवर के सामने और दूसरा तख्त साहिब की सीढ़ियों तक
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डिज़ाइन: सफेद संगमरमर की वर्तनी, छायादार वृक्ष और कलात्मक पेंटिंगें
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मुख्य आकर्षण: विशाल गेट, पार्किंग क्षेत्रों के साथ उप-गेट, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक ढांचा
मान ने कहा कि इस मार्ग पर खालसा पंथ के इतिहास को शानदार पेंटिंगों और आर्टवर्क के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रवेश द्वार पर एक आकर्षक मुख्य गेट भी बनाया जाएगा।
📌 धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना श्री आनंदपुर साहिब को धार्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंज तख्त साहिबान को रेल मार्ग से जोड़ने का मुद्दा केंद्र सरकार के सामने मजबूती से रखेगी।
मान ने यह भी घोषणा की कि श्री आनंदपुर साहिब – माता नैना देवी रोपवे प्रोजेक्ट को जल्द शुरू करने के लिए राज्य सरकार पूरी ताकत से पैरवी करेगी।
📌 CM मान का संदेश
“श्री आनंदपुर साहिब न केवल पंजाब, बल्कि पूरे देश की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहर है। यह विरासती मार्ग श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रतीक बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को हमारे गौरवशाली इतिहास से जोड़ेगा।”








