
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि आप सरकार में स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुआ है। उन्होंने प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को एकसाथ दुरूस्त करने के अपने लक्ष्य को रेखांकित किया।
बुधवार को पार्टी कार्यालय चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिबद्धता की बदौलत हंस फाउंडेशन देहरादून के सहयोग से स्थापित आठ अत्याधुनिक डायलिसिस केन्द्रों के साथ किडनी रोगियों के बेहतर ईलाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने पटियाला में उन्होंने माता कौशल्या सरकारी अस्पताल में डायलिसिस केंद्र का उद्घाटन किया। वहीं उन्होंने वर्चुअली अमृतसर, मलेरकोटला, मोगा, गोनियाना, फाजिल्का, फरीदकोट और जालंधर के सरकारी अस्पतालों के लिए डायलिसिस केंद्रों का शुभारंभ किया।
डॉ बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के मार्गदर्शन में हंस फाउंडेशन के साथ इस अभूतपूर्व सहयोग का उद्देश्य मुफ्त डायलिसिस सुविधाएं प्रदान करना और राज्य भर में गुर्दे की देखभाल तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार करना है।
शुरुआत में डायलिसिस केंद्र आठ सरकारी अस्पतालों में स्थापित किए गए हैं, जिससे हजारों जरूरतमंद मरीजों को लाभ होगा। हमारी योजना सभी सरकारी अस्पतालों तक इसे विस्तार करने की है, जिससे सभी के लिए सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि 872 आम आदमी क्लीनिकों की स्थापना से पंजाब की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे आने वाले वर्षों में किडनी की बीमारियों में काफी कमी आने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। लगभग 2.15 करोड़ इलाजों में 92 लाख नए रोगियों ने मोहल्ला क्लीनिकों की सेवाओं का उपयोग किया है। इन क्लीनिकों में दवाओं की मुफ्त उपलब्धता के कारण स्वास्थ्य स्थितियों के शीघ्र निदान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डॉ बलबीर सिंह ने आगे बताया कि पंजाब के प्राथमिक देखभाल मॉडल जो दवाओं की अंतिम मील तक डिलीवरी सुनिश्चित करती है और फरिश्ते योजना को हाल ही में केन्या के नैरोबी में एक सेमिनार में अपनाए जाने वाले वैश्विक मॉडल के रूप में प्रशंसा की गई थी।
उन्होंने पंजाब के सभी जिला अस्पतालों को आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ एनआईसीयू और आईसीयू सुविधाओं से लैस करने की योजना की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा दोनों क्षेत्रों में पंजाब सरकार के साथ सहयोग करने के लिए गैर सरकारी संगठनों को आमंत्रित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी की तुलना में सार्वजनिक-एनजीओ भागीदारी को प्राथमिकता दे रही है, क्योंकि यह मॉडल आम लोगों के लिए अधिक फायदेमंद है।
डॉ बलबीर सिंह ने बताया कि भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर अपनी जेब से खर्च करने के कारण कई लोग गरीबी रेखा से नीचे आ जाते हैं। अब तक पंजाब के लोगों ने मोहल्ला क्लीनिकों और मान सरकार द्वारा प्रदान की गई मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं की बदौलत 1,050 करोड़ रुपये बचाए हैं। मुख्यमंत्री योगशाला कार्यक्रम अब 2 लाख प्रतिभागियों को योग में शामिल कर रहा है, जो राज्य भर में स्वास्थ्य कल्याण को बढ़ावा दे रहा है। आप सरकार का स्वास्थ्य सेवा मॉडल, जो मूल रूप से दिल्ली का है, पंजाब में भी सफलतापूर्वक विस्तारित हुआ है और अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है।
उन्होंने कहा कि आप सुप्रीमों अरविंद केजरीवाल और सीएम मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य नागरिकों को बिना किसी कीमत के उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।
भविष्य की पहलों में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की स्थापना और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के साथ सहयोग करना शामिल है। होशियारपुर में गुरु रविदास यूनिवर्सिटी की फंडिंग और स्वास्थ्य क्षेत्र के फंड को लेकर भी केंद्र सरकार से चर्चा चल रही है।









