ई-20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह 4 अगस्त को ई-20 पेट्रोल के विरोध में देशभर से मिले 2 लाख से अधिक ऑनलाइन हस्ताक्षरों (पिटीशन) को लेकर प्रधानमंत्री से मिलने उनके आवास जाएंगे।
केजरीवाल ने कहा कि वह दोपहर 12 बजे करीब 100 समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि केवल वही लोग साथ आएं, जिन्हें पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज या जेल जाने का डर न हो।
2 लाख लोगों ने किया समर्थन, प्रधानमंत्री को सौंपेंगे पिटीशन
केजरीवाल ने दावा किया कि उनकी अपील के बाद देशभर के 2 लाख से ज्यादा लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम ऑनलाइन पिटीशन पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी हस्ताक्षरों का प्रिंट निकाल लिया गया है और वे स्वयं इसे प्रधानमंत्री को सौंपने जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सभी लोगों के आने की जरूरत नहीं है। केवल 100 ऐसे लोगों को साथ लिया जाएगा, जो किसी भी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हों। इच्छुक लोग सोशल मीडिया पर उन्हें टैग कर अपनी सहमति दे सकते हैं।
E-20 पर सरकार सवालों से बच रही है: केजरीवाल
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जो लोग ई-20 नीति पर सवाल उठा रहे हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है और उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार को अपनी नीति पर भरोसा है तो उसे खुली बहस करनी चाहिए। उनके मुताबिक यदि ई-20 पूरी तरह सही है तो सरकार को तथ्यों के आधार पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए, न कि विरोध करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास तक जाने की उम्मीद जताई
प्रधानमंत्री आवास तक मार्च के सवाल पर केजरीवाल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जिस सीमा तक विपक्ष के नेताओं को जाने की अनुमति दी गई थी, उन्हें भी कम से कम उतनी अनुमति मिलेगी।
विदेश नीति पर भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि देश के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की अपील की और अपने राजनीतिक आरोपों को दोहराया।












