उत्तराखंड के हरिद्वार में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे में चंडीगढ़ के चार कांवड़ियों की गंगनहर में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक अचानक तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के लिए उसके तीन साथी भी नहर में कूद गए, लेकिन चारों ही पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए।
एक साथी को बचाने की कोशिश बनी जानलेवा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी युवक चंडीगढ़ से आए कांवड़ियों के एक जत्थे के सदस्य थे। मृतकों की पहचान शिवांशु (16 वर्ष), नीतेश, भरत और रोहित के रूप में हुई है। सभी चंडीगढ़ के सेक्टर-26 के निवासी बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले एक युवक का संतुलन बिगड़ने से वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के प्रयास में बाकी तीन युवक भी नहर में उतर गए, लेकिन तेज बहाव के कारण कोई भी बाहर नहीं निकल सका।
SDRF और जल पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस, SDRF और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों युवकों को नहर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे तथा घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से की अपील
हादसे के बाद प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें तथा सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि गंगनहर का तेज बहाव बेहद खतरनाक हो सकता है और लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।












