पंजाब बंद के बीच अमृतसर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा बुलाए गए पंजाब बंद का असर राज्य के कई जिलों में देखने को मिला। अमृतसर में भी कई स्कूल-कॉलेज बंद रहे और अनेक बाजारों में कारोबार प्रभावित हुआ। इसी दौरान भंडारी पुल पर हुए एक दर्दनाक हादसे में पंजाब पुलिस के सीनियर कांस्टेबल रणबीर सिंह की जान चली गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रणबीर सिंह अमृतसर में एआरपी (ARP) शाखा में तैनात थे और मूल रूप से बटाला के रहने वाले थे। ड्यूटी समाप्त होने के बाद वह अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान भंडारी पुल पर ट्रैफिक नियंत्रित करने के लिए एक रस्सी बांधी गई थी। बताया जा रहा है कि एक्टिवा पर सवार रणबीर सिंह को यह रस्सी समय रहते दिखाई नहीं दी और वह तेज रफ्तार में उससे टकरा गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रस्सी सीधे उनकी गर्दन से टकराई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल अमृतसर पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बेटे के घायल होने की सूचना के बाद निकले थे घर
जानकारी के मुताबिक, ड्यूटी के दौरान रणबीर सिंह को घर से फोन आया था कि उनका बेटा घायल हो गया है। यह सूचना मिलने के बाद वह जल्दबाजी में घर के लिए रवाना हुए। इसी दौरान भंडारी पुल पर लगा ट्रैफिक अवरोध उनकी नजर में नहीं आया और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रैफिक रोकने के लिए पुल पर रस्सी लगाने के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। साथ ही, यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद पंजाब बंद के दौरान अपनाए गए सुरक्षा प्रबंधों पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक रोकने के लिए लगाए गए अस्थायी अवरोधों पर पर्याप्त चेतावनी संकेत और सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए थी, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।












